नए नियम लागू होते ही होगी कार्रवाई, बिना फायर एनओसी संचालित भवनों पर कसेगा शिकंजा
मध्य प्रदेश फायर सेफ्टी एक्ट 2026 लागू होने के बाद जबलपुर के व्यावसायिक भवनों की सघन जांच होगी। बिना फायर एनओसी संचालित प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई और जु...और पढ़ें
Publish Date: Sun, 26 Jul 2026 11:33:47 AM (IST)Updated Date: Sun, 26 Jul 2026 11:33:47 AM (IST)
मध्य प्रदेश विधानसभा में फायर सेफ्टी एक्ट 2026 पारित हो चुका है। (एआई जनरेटेड)HighLights
- फायर सेफ्टी एक्ट 2026 लागू, व्यावसायिक भवनों की होगी जांच।
- बिना फायर एनओसी भवनों पर होगी सख्त कानूनी कार्रवाई जल्द।
- 15 मीटर ऊंची इमारतों के लिए एनओसी अनिवार्य होगी अब।
नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। मध्य प्रदेश विधानसभा में फायर सेफ्टी एक्ट 2026 पारित हो चुका है और अब इसके नियम जारी होने का इंतजार है। नियम लागू होते ही नगर निगम शहर के व्यावसायिक भवनों की व्यापक जांच शुरू करेगा।
नगर निगम के फायर ब्रिगेड अधीक्षक कुशाग्र ठाकुर के अनुसार, नए एक्ट में पुराने कानून की तुलना में कई महत्वपूर्ण प्रावधान जोड़े गए हैं। इनमें अग्नि सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करने के साथ बिना अग्निशमन अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) के संचालित भवनों पर सख्त कार्रवाई और जुर्माने का प्रावधान भी शामिल है।
फायर एनओसी के बिना भवन संचालन पर होगी कार्रवाई
नगर निगम के अनुसार, नए नियम लागू होते ही शहर के व्यवसायिक भवनों की जांच की जाएगी। यदि कोई भवन बिना फायर एनओसी के संचालित होता पाया गया या निर्धारित अग्नि सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करता मिला, तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। नए एक्ट में आग की घटनाओं की रोकथाम और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने पर विशेष जोर दिया गया है।
15 मीटर से ऊंची इमारतों के लिए एनओसी अनिवार्य
बताया गया है कि 15 मीटर से अधिक ऊंचाई वाली इमारतों, शॉपिंग मॉल, होटल और बड़े शैक्षणिक संस्थानों के लिए फायर एनओसी लेना अनिवार्य किया गया है। ऐसे में वे भवन संचालक और निर्माणकर्ता, जो बिना फायर एनओसी के अपने प्रतिष्ठान संचालित कर रहे हैं, उनके लिए परेशानी बढ़ सकती है।
400 प्रतिष्ठानों को नोटिस, 300 ने ही दी रिपोर्ट
फिलहाल पुराने फायर सेफ्टी एक्ट के तहत ही शहर के प्रतिष्ठानों का फायर ऑडिट कराया जा रहा है। नगर निगम फायर ब्रिगेड ने अस्पतालों, होटलों और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों सहित करीब 400 संस्थानों को फायर ऑडिट रिपोर्ट जमा करने के निर्देश दिए थे। इनमें से केवल लगभग 300 प्रतिष्ठानों ने ही रिपोर्ट जमा की।
आधी रिपोर्टों में मिली कमियां
नगर निगम के अनुसार, प्राप्त रिपोर्टों में भी लगभग 50 प्रतिशत दस्तावेजों में कमियां पाई गईं। इससे स्पष्ट होता है कि शहर के कई तीन से चार मंजिला व्यावसायिक भवनों में अग्नि सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं। नए फायर सेफ्टी एक्ट के नियम लागू होने के बाद ऐसे भवनों की विस्तृत जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।