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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 25, 2019 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

हाईकोर्ट ने पूछा-'तथ्यों को छिपाकर कैसे ले ली अभियोजन की मंजूरी'

जबलपुर। नईदुनिया प्रतिनिधि मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी, लोकायुक्त एसपी सहित अन्य से पूछा कि तथ्यों को छिपाकर सहायक अभियंत...और पढ़ें

By Nai Dunia News NetworkEdited By: Nai Dunia News Network
Publish Date: Wed, 25 Sep 2019 05:28:37 AM (IST)Updated Date: Wed, 25 Sep 2019 05:28:37 AM (IST)
हाईकोर्ट ने पूछा-'तथ्यों को छिपाकर कैसे ले ली अभियोजन की मंजूरी'

जबलपुर। नईदुनिया प्रतिनिधि

मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी, लोकायुक्त एसपी सहित अन्य से पूछा कि तथ्यों को छिपाकर सहायक अभियंता के खिलाफ अभियोजन चलाने की मंजूरी कैसे ले ली गई? न्यायमूर्ति सुजय पॉल व जस्टिस बीके श्रीवास्तव की युगलपीठ ने सभी को नोटिस जारी कर जवाब-तलब किया।

जबलपुर निवासी रविशंकर सिंह ने याचिका में कहा कि वह पूर्व क्षेत्र विवि कंपनी में सहायक अभियंता हैं। बीते दिनों उसके खिलाफ लोकायुक्त पुलिस ने अपराधिक प्रकरण दर्ज किया। इस मामले में विभागीय अभियोजन स्वीकृति लेने के लिए लोकायुक्त ने तथ्य छिपाकर जानकारी पेश की। अधिवक्ता विजय राघव सिंह, अजय नंदा, मनोज चतुर्वेदी ने दलील दी कि उक्त मंजूरी दोषपूर्ण है,अतः खारिज की जाए। प्रारंभिक सुनवाई के बाद कोर्ट ने अनावेदकों को नोटिस जारी करने का निर्देश दिया।