
जबलपुर, नईदुनिया प्रतिनिधि। कृषि और इंजीनियरिंग छात्रों को आत्मनिर्भर बनाने और उन्हें कृषि की नई तकनीकों से जोड़ने के उद्देश्य से जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय स्थित कृषि अभियांत्रिकी महाविद्यालय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कृषि स्नातकों को उधमिता विकास विषय पर 15 दिवसीय कार्यशाला के दौरान कृषि में व्यवसाय और आधुनिक तकनीक से जुड़े विषयों की जानकारी अनुभवियों ने दी।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि में जनेकृविवि के बोर्ड मेंबर एवं कार्यशाला के मुख्य अतिथि अश्विनी सिंह चौहान मौजूद रहे। वेबीनार के दौरान उन्होंने बताया कि छात्रों को नए—नए व्यवसाय अपनाने चाहिए, ताकि वे अपने स्वयं काम प्रारंभ कर सकें। उन्होंने बताया कि इनमें कई तरह के कार्यक्रम हो सकते हैं, जैसे कि फार्म इक्विपमेंट्स, कस्टम हायरिंग, नर्सरी डेवलपमेंट व कन्सलटेंन्सी, प्रोसेसिंग पैकेजिंग, सीड सोसाइटी, पम्प मोटर पार्ट असेम्बलिग, डेरी रिक्वायरमेंट, डेरी उत्पाद ट्रेडिंग इत्यादि।
500 से ज्यादा छात्रों ने कराया रजिस्ट्रेशन: कार्यशाला के अध्यक्ष अधिष्ठाता कृषि संकाय डॉ.धीरेंद्र खरे ने की । उन्होंने कृषि छात्रों से एग्रीकल्चर सेक्टर में अपनी सेवाएं देने का आव्हान किया और कहा की देश और विदेश में कृषि का क्षेत्र उज्जवल भविष्य का संकेत है। राष्ट्रीय कृषि उच्च शिक्षा योजना द्वारा यह कार्यशाला आयोजित की गई है। नोडल अधिकारी एवं अधिष्ठाता कृषि अभियांत्रिकी महाविद्यालय डॉ. आरके नेमा ने बताया की इस कार्यशाला में 500 छात्रों ने रजिस्ट्रेशन कराया है। कार्यशाला के दौरान विशेषज्ञ अपने व्याख्यान एवं अनुभव सांझा करेंगे सांझा करेंगे। डॉ. एसबी नाहटकर ने विभिन्न रोजगार उन्मुख योजनाओं की जानकारी दी । प्रोजेक्ट के डायरेक्टर डॉ. एसवी दास ने आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. शीला रघुवंशी टीकमगढ़ ने किया।