जबलपुर। नईदुनिया प्रतिनिधि
इटारसी से जबलपुर होते हुए मानिकपुर तक, रेलवे ट्रैक का विद्युतीकरण और जबलपुर से बालाघाट ब्रॉडगेज, यह दो ऐसी परियोजनाएं हैं, जिसके पूरा होने का इंतजार जबलपुर के लोग पिछले कई साल से कर रहे हैं। दोनों ही परियोजनाएं दो साल पीछे चल रही हैं। कभी बजट और जमीन की वजह से तो कभी जांच और ठेकेदार की लापरवाही की वजह से इन परियोजनाओं के काम की रफ्तार सुस्त हो गई है। दोनों ही परियोजनाओं को 31 मार्च 2020 तक पूरा करना है। आम बजट में अधूरी रेल परियोजनाओं की रफ्तार बढ़ाने के दावे के बाद इनके पूरे होने की उम्मीद और बढ़ गई है।
इटारसी-जबलपुर-मानिकपुर विद्युतीकरण का हाल
- इटारसी-जबलपुर का विद्युतीकरण पूरा।
- इस पर विद्युत इंजन चल रहे हैं।
- जबलपुर-कटनी का विद्युतीकरण पूरा।
- इस पर भी विद्युत इंजन चल रहें।
- कटनी-सतना का विद्युतीकरण अधूरा।
- यह काम मार्च 2020 तक पूरा करना है।
- सतना से मानिकपुर तक विद्युतीकरण पूरा।
सीबीआई जांच से सुस्त हुआ काम
जबलपुर से कटनी और कटनी से सतना के बीच हुए विद्युतीकरण में ठेकेदार ने खंभे लगाने में भ्रष्टाचार किया। सीबीआई ने जब इसकी जांच की तो न सिर्फ यहां बल्कि ठेका लेने वाली कंपनी के देशभर में चल रहे कामों पर भ्रष्टाचार सामने आया। सीबीआई की छापेमारी और जांच की वजह से कटनी से सतना रेल ट्रैक के विद्युतीकरण का काम अधूरा रह गया। जबकि इस काम को 2018 मार्च में पूरा करना था।
ब्रॉॅडगेज परियोजना की स्थिति
- 1996-97 में शुरू हुई थी परियोजना।
- तब 511 करोड़ रुपए थी लागत।
- अब 1750 करोड़ रुपए हुई लागत।
- 278 किमी की है यह परियोजना।
- सबसे बड़ा 1 रिवर ब्रिज नर्मदा पर।
- 400 छोटे पुल-पुलिया हैं।
इन चरणों में हुआ काम
पहला चरण - जबलपुर से सुकरी मंगेला तक 53 किमी।
दूसरा चरण - सुकरी मंगेला से घंसौर तक 36 किमी।
तीसरा चरण- घंसौर से नैनपुर तक 17 किमी।
चौथा चरण- नैनपुर से समनापुर तक 61 किमी।
पांचवां चरण- चिरईडोंगरी से लामता तक 35 किमी।
छठा चरण- लामता से समनापुर तक 13 किमी।
सातवां चरण- समनापुर से बालाघाट तक।
वनविभाग की स्वीकृति फिर भी सुस्त काम
जबलपुर से गोंदिया तक बनाई जा रही ब्रॉडगेज में जबलपुर से नैनपुर तक का काम पूरा हो चुका है। वन विभाग की आपत्ति की वजह से चिरईडोंगरी से लामता के बीच 35 किमी में ब्रॉडगेज का काम ही अधूरा है, अब वन विभाग ने यह जमीन रेलवे को दे दी है। काम शुरू हो गया है, लेकिन अभी भी लगभग 15 किलोमीटर का काम बाकी है।