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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 21, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Jabalpur News : 35 दिन में सात अग्नि हादसों से दहला जबलपुर शहर, फायर ऑडिट के नाम सिर्फ नोटिस का खेल

नगर निगम के अग्नि शमन शाखा, भवन शाखा द्वारा की गई जांच में 51 पेट्रोल पंप और 69 व्यवसायिक प्रतिष्ठानों की जांच की गई जिसमें कई कमियां सामने आई।

By Hemant Kumar UpadhyayEdited By: Hemant Kumar Upadhyay
Publish Date: Tue, 21 May 2024 06:49:26 AM (IST)Updated Date: Tue, 21 May 2024 06:49:26 AM (IST)
Jabalpur News :  35 दिन में सात अग्नि हादसों से दहला जबलपुर शहर, फायर ऑडिट के नाम सिर्फ नोटिस का खेल

HighLights

  1. नहीं चेत रहा नगर निगम, 200 से ज्यादा व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में नहीं अग्नि सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
  2. 53 पेट्रोल पंप, 69 प्रतिष्ठानों की जांच में मिली चुकी हैं कमियां
  3. शहर में 35 दिन के भीतर शहर में सात बड़े अग्निहादसे हुए।

नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। भवनों के फायर ऑडिट के नाम पर नगर निगम नोटिस का खेल कर रहा है। फायर आडिट में लापरवाही करने वाले भवन स्वामियों को नोटिस देकर छोड़ दिया जाता है। जबकि आग लगने की घटनाएं रोजाना ही सामने आ रही है। शहर में 35 दिन के भीतर शहर में सात बड़े अग्निहादसे हुए। रविवार को भी व्यस्तम गंजीपुरा मार्केट की तीन मंजिला दुकान में लगी भीषण आग ने लोगाें को दहला दिया। इन अग्नि हादसों ने नगर निगम द्वारा कराए जाने वाले व्यापारिक प्रतिष्ठानों के फायर आडिट की पोल खोल दी है।

शहर में 200 से ज्यादा अस्प्ताल, होटल, व्यावसायिक काम्पलेक्स व अन्य प्रतिष्ठान ऐसे हैं जहां अग्नि सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं हैं। फायर आडिट रिपोर्ट भी नगर निगम में नहीं दी जा सकी है। गत दिवस नगर निगम के अग्नि शमन विभाग द्वारा की गई जांच में ये सामने भी आ चुका है कि 51 पेट्रोल पंप व 69 प्रतिष्ठानों द्वारा निर्धारित मानकों के तहत अग्नि सुरक्षा के न तो इंतजाम किए हैं न ही फायर आडिट रिपोर्ट दी गई। अब नगर निगम इन्हें एक बार फिर नोटिस देने की बात कह रहा है।


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बड़ी घटनाओं के बाद भी गंभीर नहीं प्रशासन

शहर में अग्नि हादसों के दौरान बचाव के लिए किए जाने उपायों को दरकिनार जा रहा है बावजूद इसके नगर निगम और जिला प्रशासन गंभीर नही है। ऐसे प्रतिष्ठानों का लाइसेंस निरस्त करने की बजाये नोटिस और जांच करने की औचारिकता निभाई जा रही है। विदित हो कि बीते दिनों हरदा में पटाखा फैक्ट्री में हुए ह्दय विदारक अग्नि हादसे और उसके बाद वल्लभ भवन भोपाल में हुई अग्नि दुर्घटना के बाद नगर निगम अलर्ट मोड में आ गया था। निगम प्रशासन ने शहर में संचालित होटल, अस्पताल, नर्सिंग होम, कोचिंग, पेट्रोल पंप सहित बहुमंजिला व्यावसायिक इमारतों में तय मानकों के तहत निर्माण हुआ है या नहीं? उनमें अग्नि सुरक्षा के इंतजाम क्या इंतजाम किए गए है? उसकी जांच तो शुरू करा दी गई लेकिन ये अभी तक परिणाम तक नहीं पहुंच पा रही।

फायर सिस्टम तो है पर स्विच ऑफ है

हाल के कुछ वर्षों में बड़े पैमाने पर शहर में होटल, अस्पताल, नर्सिंग होम, कोचिंग संस्थान सहित अन्य व्यावायिक प्रतिष्ठान भी बढ़े हैं। लेकिन ये जानकर हैरानी होगी कि इनमें से करीब 70 प्रतिशत प्रतिष्ठान मध्य प्रदेश भूमि विकास नियम 2012 के नियम 86 एवं 87 अंतर्गत और राष्ट्रीय भवन निर्माण संहिता, 2016 के तहत फायर एंड लाइफ सेफ्टी के प्रविधानों का पालन नहीं कर रहे। नगर निगम के अग्नि शमन शाखा, भवन शाखा द्वारा की गई जांच में 51 पेट्रोल पंप और 69 व्यवसायिक प्रतिष्ठानों की जांच की गई जिसमें कई कमियां सामने आई। बिना वैध अग्नि सुरक्षा प्रमाण पत्र के संचालित किए जा रहे हैं। अधिकांश में अग्निशमन उपकरण आउटडेटेड, एक्सपायर्ड या आवश्यकता से कम संख्या में पाए गए।

इसी तरह 69 संस्थानों में अधिकांश में कंप्लायंस के साथ फायर आडिट रिपोर्ट नहीं मिली। अस्पताल, होटल्स, शो-रुम, बैंक, दफ्तर, शापिंग सेंटर में भी कमियां मिली। कुछ जगह तो फायर सिस्टम अपडेट मिला पर स्वीच ही बंद मिले। विदित हो कि शहर में 100 से ज्यादा अस्पताल, 500 से ज्यादा कोचिंग सेंटर, 250 से ज्यादा होटल संचालित हो रहे हैं।

हाल ही में हुए ये सात अग्नि हादसे

- खजरी खिरिया बायपास स्थित शमीम कबाड़ी के गोदाम में लगी थी भीषण आग।

-बरगी में ट्रांसफार्मर आयल फैक्ट्री में लगी थी आग धमाकों से दहल उठे समूचा क्षेत्र

- बरेला रोड स्थित एक ट्रांसफार्मर के कारखाने में लगी थी भीषण आग

- हीरा स्वीट्स में आग लगने की घटना से मच गई थी अफरा तफरी

- तिलहरी स्थित विजन महल होटल आग से मच गया था हड़कंप

- दो मई को एक कार शो रुम में लगी आग से मच गया था हड़कंप

- गंजीपुरा में तीन दुकानें बुरी तरह जल गई

इनका कहना है

बहुमंजिला इमारत व व्यवसायिक प्रतिष्ठानों की सूची तैयार कर विभागीय टीम द्वारा जांच कराई जा रही है तय मापदंडों का पालन न करने व फायर आडिट रिपोर्ट पेश न करने वालों को नोटिस व रिमांइडर नोटिस जारी किए जा रहे हैं जल्द ही लाइसेंस निरस्त करने के प्रस्ताव भी वरिष्ठ कार्यालयों को प्रेषित किए जाएंगे।

कुशाग्र ठाकुर, फायर अधीक्षक नगर निगम