जबलपुर, नईदुनिया प्रतिनिधि। राजधानी भोपाल के नगर निगम को दो हिस्सों में बांटने के बाद जबलपुर और इंदौर नगर निगम को भी लेकर बहस छिड़ गई है। इस मामले में नगरीय प्रशासन मंत्री ने कहा था कि आवेदन आने पर विचार किया जाता है। इसके बाद राज्यसभा सदस्य विवेक तंखा ने जबलपुर नगर निगम को दो हिस्सों में बांटने को लेकर नगरीय प्रशासन विभाग को आवेदन भेज दिया है। उनका कहना है जब भोपाल में दो नगर निगम हो सकते हैं तो जबलपुर और इंदौर में क्यों नहीं?

राज्यसभा सदस्य श्री तंखा ने नईदुनिया से चर्चा में बताया कि जबलपुर नगर निगम की जब स्थापना हुई थी तब शहर की जनसंख्या 2 लाख थी। बीते 50-60 सालों में जनसंख्या बढ़कर 15 लाख तक पहुंच गई है। इसलिए जबलपुर में दो नगर निगम समय की डिमांड है। सरकार को नगर निगम का विभाजन करने आवेदन कर दिया है। जबलपुर का हक बनता है कि यहां भी दो नगर निगम स्थापित हो। हमने आज ही आवेदन कर दिया है।

क्या है स्थिति

जबलपुर

जिले की जनसंख्याः

24 लाख 60 हजार नगर निगम के विखंडन की जिस प्रकार बात की है यह वास्तव में भोपाल नगर निगम के विखंडन के षड़यंत्र को अमली जामा पहनाने का तरीका ढूंढ़ा गया है। भोपाल के विखंडन के साथ यह प्रश्न खड़े हुए थे कि भोपाल का विखंडन अगर किया जा रहा है तो इंदौर और जबलपुर उसके समकक्ष हैं, उनका भी करना चाहिए। इसके पीछे कोई विकास का एजेंडा नहीं है, बल्कि इसके माध्यम से कांग्रेस राजनीतिक तुष्टीकरण करना चाहती है। राकेश सिंह, सांसद व भाजपा प्रदेश अध्यक्ष

Posted By: Nai Dunia News Network