
जबलपुर, नईदुनिया प्रतिनिधि। पीडीपीएम ट्रिपलआईटी जबलपुर में चार दिवसीय कांफ्रेंस का समापन हुआ। मशीन विज़न एंड ऑगमेंटेड इंटेलिजेंस 2021 विषय पर कार्यक्रम हुआ। इसमें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विशेषज्ञों ने आनलाइन माध्यम से अपने विचार रखे। इस बीच कुल 21 सत्रों में 57 शोध प्रदर्शित हुए। कांफ्रेंस के तकनीकी सत्र पूर्णतः आभासी तरीके से आयोजित की गई। पूरे कांफ्रेंस में कुल 21 सत्र आयोजित किए गए, जिसमें 15 तकनीक सत्र थे और छह आमंत्रित वार्ता थी।
भारत के कुल 80 उच्च संस्थानों ने भाग लिया : इन सत्रों के दौरान कुल 57 शोध पत्र प्रदर्शित हुए, जिसमें 55 की सफलतापूर्वक आनलाइन प्रस्तुति दी गई। इस कांफ्रेंस में भारत के कुल 80 उच्च संस्थानों ने भाग लिया। इन पत्रों को स्प्रिंजर प्रकाशक के द्वारा छापा जाएगा। इस कांफ्रेंस के प्रमुख प्रायोजक स्पार्क, डीआरडीओ और सीएसआईआर थे। अगर तकनीक के प्रयोग से हम मशीनों को इंसान की भांति दृष्टि दें तो इस तरह की महामारी से आसानी से निपटा जा सकता है। कांफ्रेंस के अंतिम आमंत्रित वार्ता में चर्चा हुई की यदि मशीन में बुद्धिमता का विकास किया जाये तो वो हमारे लिए कैसे लाभकारी हो सकते है। इस संबंध में विशेषज्ञों ने विभिन्न जानकारी दी। इसके अलावा कुछ आवेदन भी प्रस्तुत किए गए। जैसे कि कोरोना महामारी में ये कैसे मददगार हो सकता है। मशीन में बुद्धिमता का विकास करके प्राकृतिक त्रासदी में भी इनका कैसे उपयोग कर सकते हैं इस पर चर्चा हुई। समापन सत्र में प्रोफेसर अपराजिता ओझा, डॉ. प्रीती खन्ना, डॉ. अतुल गुप्ता, डॉ. शिव दयाल पटेल उपस्थित रहे। कांफ्रेंस के संयोजक डॉ. मनीष कुमार बाजपेई, डॉ. कुसुम कुमारी भारती एवं डॉ. कौशलेन्द्र कुमार सिंह थे।