
नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। जबलपुर शहर की सड़कों पर वाहनों का दबाव लगातार बढ़ रहा है लेकिन यातायात संभालने वाला पुलिस बल उसी अनुपात में नहीं बढ़ सका है। पिछले तीन साल में जबलपुर जिले में 2 लाख 19 हजार 148 नए वाहन पंजीकृत हुए हैं।
इसके साथ ही जिले में पंजीकृत वाहनों की संख्या 11 लाख 80 हजार से अधिक पहुंच गई है। इसके मुकाबले यातायात पुलिस में स्वीकृत 371 पदों में से सिर्फ 204 पुलिसकर्मी उपलब्ध हैं। यानी 167 पद खाली हैं और स्वीकृत बल के मुकाबले करीब 45 प्रतिशत की कमी है।
ट्रैफिक पुलिस के आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2023-24 में 64 हजार 309, वर्ष 2024-25 में 76 हजार 437 और वर्ष 2025-26 में 78 हजार 402 नए वाहन पंजीकृत हुए। तीन साल में सबसे अधिक 78 हजार 402 वाहन पिछले वित्तीय वर्ष में सड़कों पर जुड़े। जिले में अकेले दोपहिया वाहनों की संख्या 8 लाख 85 हजार से अधिक हो चुकी है। कारों की संख्या भी 1 लाख 62 हजार से अधिक है। इसके अलावा 21 हजार से अधिक आटो और ई-रिक्शा शहर के अलग-अलग मार्गों और चौराहों पर यातायात का हिस्सा हैं।
वाहनों की बढ़ती संख्या के बीच यातायात पुलिस के स्वीकृत बल में भी बड़ी कमी है। 371 पदों के मुकाबले 204 पुलिसकर्मी ही उपलब्ध हैं। इसमें मैदानी स्तर पर यातायात व्यवस्था संभालने वाले सूबेदार और उप निरीक्षक जैसे अधिकारियों की कमी का असर भी व्यवस्था पर पड़ रहा है। शहर के प्रमुख चौराहों, व्यस्त मार्गों और लगातार बढ़ते यातायात दबाव के बीच सीमित बल से व्यवस्था संभालना पुलिस के लिए चुनौती बना हुआ है।
तीन साल में 2 लाख 19 हजार 148 नए वाहनों का पंजीयन हुआ। इस हिसाब से औसतन हर दिन करीब 200 नए वाहन जिले के यातायात में जुड़े। वाहनों की संख्या बढ़ने के साथ पार्किंग, चौराहों पर दबाव, जाम और यातायात नियंत्रण की जरूरत भी बढ़ी है, लेकिन उपलब्ध यातायात पुलिस बल में उसके अनुरूप बढ़ोतरी नहीं हुई।
जबलपुर में वाहनों की संख्या लगातार बढ़ रही है। शहर में संसाधन बढ़ाने की आवश्यकता है। यातायात के बढ़ते दबाव को नियंत्रित करने के लिए बल बढ़ाने के लिए प्रस्ताव भेजा जाएगा। - अखिलेश तिवारी, एएसपी यातायात