
नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। उत्तर भारत में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ की आवृत्ति कमजोर पड़ने के साथ ही गर्मी का असर बढ़ने लगा है। शनिवार को भी सूरज ने ऐसी गर्मी दिखाई कि लोगों के पसीने छूट गए। दिन भर चटख धूप निकली रही, वातावरण में गर्माहट महसूस होती रही। हालांकि उत्तरी से आ रही ठंडी हवा गर्मी से कुछ राहत देती रही। शाम और फिर रात गहराने के साथ ही उत्तरी हवा वातावरण में ठंडक घोलती रही। रात में सर्दी का असर बना रहा। हालांकि सूरज की ये तल्खी अभी कुछ ही रहेगी क्योंकि बढ़ती गर्मी पर एक बार फिर पश्चिमी विक्षोभ का साया पड़ सकता है।
14 मार्च से फिर बदल सकती है मौसम की रंगत
अभी एक-दो दिन गर्मी का असर बना रहेगा। दिन का पारा भी 33 डिग्री के ऊपर पहुंच सकता है। 14 मार्च को एक नए पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता से मौसम की रंगत बदल सकती है। मौसम विभाग का अनुमान है कि पश्चिमोत्तर मध्यप्रदेश में एक नया सिस्टम सक्रिय हो रहा है इसके असर से 13 और 14 मार्च को हल्के बादल और संभाग के जिलों में कहीं-कहीं वर्षा हो सकती है इसके साथ ही बढ़ती गर्मी पर एक फिर ब्रेक लग जाएगा।
31 डिग्री पर पहुंचा पारा, छूटा पसीना
बहरहाल मार्च के दूसरे सप्ताह गर्मी ने असर दिखाना शुरू कर दिया है। शनिवार को दिन का अधिकतम तापमान 31.0 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। लगातार धूप के संपर्क में रहने वालों के पसीने भी छूट गए। वहीं न्यूनतम तापमान उत्तरी हवा के फेर में 13.4 डिग्री पर स्थिर रहा। यानी में जहां गर्माहट महसूस की गई वहीं रात में हल्की ठंड का असर होता रहा।