
नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। कटंगी थाना क्षेत्र के बेलखाड़ू स्थित अश्वनी अस्पताल में गलत इलाज और एक्सपायरी दवा देने से 18 वर्षीय युवक की मौत के मामले में पुलिस ने इलाज करने वाले सतीश साहू (28) के खिलाफ एफआइआर दर्ज किया है।
प्रारंभिक जांच में सामने आया कि आरोपी के पास चिकित्सा संबंधी कोई डिग्री या डिप्लोमा नहीं था। पुरानी बेलखाड़ू निवासी शेखर चौधरी को दो अक्टूबर की रात करीब 11:30 बजे पेट में दर्द होने पर स्वजन अस्पताल लेकर पहुंचे थे। यहां सतीश साहू ने उसके हाथ और कमर में कुल नौ इंजेक्शन लगाए एवं दवाइयां दीं।
सुबह करीब 4:30 बजे स्वजन उसे घर ले गए। कुछ घंटे बाद पेट दर्द और हाथ-पैर में जलन होने पर उसे दोबारा अस्पताल लाया गया। यहां इंजेक्शन और ड्रिप लगाने के करीब आधे घंटे बाद सुबह 9:45 बजे शेखर की मौत हो गई।
स्वजनों ने ड्रिप की बोतल जांची तो उस पर एक्सपायरी डेट नवंबर 2025 दर्ज मिली। पुलिस ने आधी भरी ड्रिप, इंजेक्शन की खाली शीशी और अन्य सामग्री जब्त की है। अस्पताल के सीसीटीवी फुटेज में सतीश इलाज करता दिखा, जबकि डाॅक्टर सरिता साहू मौजूद नहीं थीं।
सूचना पर बीएमओ डाॅ. श्रीपति मिश्रा की टीम ने अस्पताल का निरीक्षण किया और उसे सील कर दिया। पोस्टमार्टम में मृत्यु का स्पष्ट कारण नहीं मिलने पर विसरा जांच कराने की अनुशंसा की गई है। जांच के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है।
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