
नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के नवागत मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति अल्पेश यशवंत कोगजे ने शुक्रवार को जबलपुर स्थित मुख्यपीठ में औपचारिक रूप से कार्यभार संभाल लिया। जबलपुर आगमन पर उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। इसके बाद न्यायिक अधिकारियों, महाधिवक्ता, अधिवक्ता संघ के पदाधिकारियों और अधिवक्ताओं ने उनका अभिनंदन किया।
अभिनंदन समारोह में महाधिवक्ता और अधिवक्ता संघ के पदाधिकारियों ने न्यायमूर्ति कोगजे के न्यायिक अनुभव और व्यक्तित्व पर प्रकाश डाला। वक्ताओं ने कहा कि उनके लंबे न्यायिक अनुभव और महत्वपूर्ण मामलों में निभाई गई भूमिका को देखते हुए उम्मीद है कि उनके मार्गदर्शन में प्रदेश की न्याय व्यवस्था को नई दिशा मिलेगी। उन्होंने कहा कि उनकी नियुक्ति मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर है। न्यायमूर्ति कोगजे ने इस अवसर पर सभी के प्रति आभार व्यक्त किया।
न्यायमूर्ति कोगजे ने गुरुवार को भोपाल के लोक भवन स्थित सांदीपनि सभागार में राज्यपाल मंगुभाई पटेल के समक्ष मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के 30वें मुख्य न्यायाधीश के रूप में पद और गोपनीयता की शपथ ली थी। इस समारोह में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सहित न्यायिक, प्रशासनिक और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। शपथ ग्रहण के अगले दिन शुक्रवार को उन्होंने जबलपुर पहुंचकर मुख्यपीठ की जिम्मेदारी संभाली।
न्यायमूर्ति कोगजे इससे पहले गुजरात हाई कोर्ट में न्यायाधीश के रूप में सेवाएं दे रहे थे। उन्होंने 1993 में विधि की पढ़ाई पूरी करने के बाद गुजरात में वकालत शुरू की। वर्ष 2001 में उन्हें सहायक शासकीय अधिवक्ता और 2002 में अतिरिक्त लोक अभियोजक नियुक्त किया गया। गुजरात हाई कोर्ट के अतिरिक्त न्यायाधीश के रूप में उन्होंने 6 अप्रैल 2016 को कार्यभार संभाला और 15 मार्च 2018 को वे स्थायी न्यायाधीश बने।
न्यायमूर्ति कोगजे गुजरात में विशेष लोक अभियोजक के रूप में भी काम कर चुके हैं। उन्होंने 2002 के गोधरा दंगा मामलों से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रकरणों में पैरवी की है। इसके अलावा गुजरात हाई कोर्ट में न्यायाधीश रहते हुए उन्होंने कई अहम मामलों की सुनवाई की है।
सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने 31 अगस्त 2026 को न्यायमूर्ति कोगजे को मध्य प्रदेश हाई कोर्ट का मुख्य न्यायाधीश बनाए जाने की सिफारिश की थी। केंद्र सरकार की अधिसूचना के बाद उनकी नियुक्ति हुई और 10 सितंबर को भोपाल में शपथ ग्रहण के साथ उन्होंने नई जिम्मेदारी संभाली। अब जबलपुर मुख्यपीठ से वे प्रदेश की न्यायिक व्यवस्था का नेतृत्व करेंगे।