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भोपाल की पुश्तैनी जमीन को लेकर मेनका गांधी और ममेरे भाई में कानूनी जंग, हाई कोर्ट ने फैसला रखा सुरक्षित

विवाद भोपाल की हुजूर तहसील के लाऊखेड़ी क्षेत्र स्थित पैतृक जमीन के नामांतरण से जुड़ा है। नई दिल्ली निवासी अंबिका शुक्ला और मेनका गांधी ने वीएन सिंह के...और पढ़ें

By Digital DeskEdited By: Mohan Kumar
Publish Date: Fri, 31 Jul 2026 07:35:46 AM (IST)Updated Date: Fri, 31 Jul 2026 07:35:46 AM (IST)
भोपाल की पुश्तैनी जमीन को लेकर मेनका गांधी और ममेरे भाई में कानूनी जंग, हाई कोर्ट ने फैसला रखा सुरक्षित
पुश्तैनी जमीन को लेकर मेनका गांधी और ममेरे भाई में कानूनी जंग (फाइल फोटो)

HighLights

  1. मेनका गांधी की भोपाल की पैतृक जमीन का विवाद हो गया है
  2. पुश्तैनी जमीन को लेकर मेनका गांधी और ममेरे भाई में कानूनी जंग
  3. मेनका गांधी और अंबिका शुक्ला की याचिका पर हाई कोर्ट ने सुरक्षित रखा फैसला

नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। राजनेता व पशु अधिकार कार्यकर्ता मेनका गांधी उनकी बहन अंबिका शुक्ला तथा ममेरे भाई वीएन सिंह के बीच भोपाल स्थित पैतृक जमीन विवाद के मामले में मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश विवेक रूसिया व न्यायमूर्ति प्रदीप मित्तल की युगलपीठ ने सुनवाई के बाद आदेश सुरक्षित रख लिया है।

पैतृक जमीन के नामांतरण से जुड़ा है विवाद

विवाद भोपाल की हुजूर तहसील के लाऊखेड़ी क्षेत्र स्थित पैतृक जमीन के नामांतरण से जुड़ा है। नई दिल्ली निवासी अंबिका शुक्ला और मेनका गांधी ने वीएन सिंह के खिलाफ अपील दायर की है। उनका आरोप है कि उन्हें पक्षकार बनाए बिना ही विवादित जमीन के नामांतरण से संबंधित आदेश हासिल किया गया।


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अदालत ने सुरक्षित रखा फैसला

अपीलकर्ताओं का तर्क है कि पैतृक संपत्ति में उनका हित होने के बावजूद उन्हें सुनवाई का अवसर नहीं दिया गया। एकलपीठ से राहत नहीं मिलने के बाद दोनों ने युगलपीठ का रुख किया। सुनवाई पूरी होने के बाद अदालत ने फैसला सुरक्षित रख लिया।