
नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। रक्षाबंधन त्योहार पर हर साल की तरह इस बार भी नगर निगम द्वारा महिलाओं के आने-जाने के लिए निश्शुल्क मेट्रो बसें चलवाई गई। इस दौरान मेट्रो बस में सफर करने वाली किसी भी महिला यात्री से किराया नहीं लिया गया।
महापौर की पहल पर रक्षाबंधन पर्व पर मातृशक्ति को मुफ्त सफर का उपहार देने की परंपरा निरंतर तीसरे वर्ष भी जारी रही। वह भी तब जब सार्वजनिक परिवहन मेट्रो बस सेवा घाटे में चल रही है। प्रदेश में कुछ जगह इसी घाटे की वजह से मेट्रो बसें बंद भी हो गई परंतु जबलपुर में नागरिकों के आवागमन के लिए किफायती किराये पर मेट्रो बस सुविधा निरंतर जारी है। महापौर के साथ निगम अध्यक्ष रिंकुज विज, एमआइसी सदस्यों ने भी मेट्रो बस की यात्रा की और महिलाओं से राखी बंधवाई।
महापौर ने बताया कि रक्षाबंधन पर्व के उपलक्ष्य में एक दिन पूर्व भी घोषणा कर दी थी कि रक्षाबंधन के इस महान पर्व पर सभी माताओं, बहनों के लिए मेट्रो बस आज के दिन निश्शुल्क चलेगी और किसी भी माताओं, बहनों को किसी भी प्रकार की कोई कठिनाई नहीं होने दी जाएगी। महिलाओं के हर सुख-दुख में हमेशा खड़े रहेंगे, इस अवसर पर एमआइसी सदस्य डर सुभाष तिवारी, विवेकराम सोनकर,दामोदर सोनी, रजनी कैलाश साहू, अंशुल यादव, उपस्थित रहीं।
जबलपुर सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विस लिमिटेड (जेसीटीएसएल) की देखरेख में रोजाना 45 बसों का संचालन किया जा रहा है। हालांकि रक्षाबंधन पर्व पर 25 बसें चलवाई गई। जो महिलाओं के लिए पूरी तरह निश्शुल्क थीं। अधिकांश महिलाओं ने इस सुविधा का लाभ उठाया। मेट्रो बसें रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, तीन पत्ती चौक, रांझी, भेड़ाघाट, पनागर, बरेला तक का फेरा लगाया।
जेसीटीएसएल की देखरेख में संचालित सिटी मेट्रो बसें शहर में घाटे के बाद भी दौड़ रहीं हैं। अमृत योजना के तहत जबलपुर को वर्ष 2021 में 55 मेट्रो बसें मिली थीं। शुरुआती दौर में सभी बसें संचालित रहीं परंतु वर्ष 2024 में इनमें से 15 बसों का संचालन बंद कर दिया गया। इसका कारण बस संचालित कर रहे बस आपरेटर को हो रहा घाटा बताया जा रहा है।
जबलपुर में मेट्रो बसों के संचालन का जिम्मा मां एसोसियेट कंपनी के पास है। कंपनी आठ रुपये प्रति किमी के घाटे पर भी बसों का संचालन कर रही है। जेसीटीएसएल के सीईओ सचिन विश्वकर्मा ने बताया कि कंपनी को 33 रुपये प्रति किमी की आय हो रही है जबकि डीजल खर्च 41 रुपये प्रति किमी है। रोजाना मेट्रो बसें करीब 70 से 80 किमी तक संचालित होती है। 55 में से 40 बसें अब भी संचालित है। यात्रियों से किराया भी स्टेज बेस के आधार पर लिया जा रहा है।
यह भी पढ़ें- MP के जबलपुर में गढ़ा थाना के सामने महिला का हाई वोल्टेज ड्रामा, अनजान बनी रही पुलिस