जबलपुर के मेट्रो अस्पताल को नई दिल्ली में मिला 'बेस्ट हास्पिटल आफ द इयर अवार्ड'
सिक्स सिग्मा एक्सीलेंस अवार्ड्स एंड लीडरशिप समिट में मेट्रो हास्पिटल जबलपुर को बेस्ट हास्पिटल आफ द ईयर-2022 के अवार्ड से सम्मानित किया गया है।
By Ravindra Suhane
Edited By: Ravindra Suhane
Publish Date: Fri, 18 Mar 2022 12:56:45 PM (IST)
Updated Date: Fri, 18 Mar 2022 12:56:45 PM (IST)

जबलपुर, नईदुनिया प्रतिनिधि। सिक्स सिग्मा एक्सीलेंस अवार्ड्स एंड लीडरशिप समिट में मेट्रो हास्पिटल को बेस्ट हास्पिटल आफ द ईयर-2022 के अवार्ड से सम्मानित किया गया है। नई दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम में केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण और युवा कार्यक्रम खेल मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर ने अस्पताल के मेडिकल डायरेक्टर डा. शैलेंद्र सिंह राजपूत को अवार्ड से सम्मानित किया। डा. राजपूत को बेस्ट डाक्टर आफ द ईयर अवार्ड से सम्मानित किया गया। बताया जाता है कि उक्त सम्मान जनरल बिपिन रावत के जन्म दिवस पर नई दिल्ली में शाही सलामी पर आयोजित सिक्स सिग्मा एक्सीलेंस अवार्ड् स एंड लीडरशिप समिट के दौरान चिकित्सा के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाले अस्पताल को दिया जाता है। बड़ेरिया मेट्रो प्राइम हास्पिटल के मेडिकल डायरेक्टर डा. राजपूत ने कहा कि यह अवार्ड चिकित्सा के क्षेत्र में काफी मायने रखता है। हास्पिटल में मरीजों को अति आधुनिक चिकित्सा सेवाएं प्रदान की जा रही हैं।
कोलमाइंस में काम करते आंख के नीचे घुसी मेटल चिप: काेलमाइंस में काम के दौरान हुए हादसे में एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। एक मशीन से निकली मेटल चिप युवक की आंख के नीचे जा घुसी। नेताजी सुभाष चंद्र बोस मेडिकल कालेज अस्पताल नाक, कान व गला रोग विभाग में आपरेशन कर मेटल चिप निकाली गई। जानकारी के अनुसार सिंगरौली रेलवे स्टेशन के समीप निवासी इंद्रप्रताप 30 वर्ष काेलमाइंस कंपनी में नौकरी करता है। ड्यूटी के दौरान वह हैवी मशीन पर काम कर रहा था। तभी दुर्घटनावश मशीन की मेटल चिप निकल गई। जो उसकी आंख के नीचे जा घुसी। कोल माइंस प्रबंधन ने उसे सिंगरौली के निजी अस्पताल में भर्ती कराया। जहां आपरेशन थिएटर में मेटल चिप निकालने की कोशिश की गई। चिकित्सक मेटल चिप नहीं निकाल पाए, जिसके बाद उसे नेताजी सुभाष चंद्र बोस मेडिकल कालेज अस्पताल रेफर किया गया। मेडिकल में नाक कान गला रोग विभागाध्यक्ष डा. कविता सचदेवा ने आपरेशन कर मेटल चिप निकाल दी। इंद्रप्रताप ने कहा कि हादसे में उसकी आंख बाल-बाल बची।