
नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। जिले के एक जनप्रतिनिधि कथित रूप से आरके एक्सरे खुलवाना चाहते हैं। इससे संबंधित एक वीडियो न्यूज पोर्टल पर जमकर वायरल हो रहा है। वह भी तक जबकि मालवीय चौक स्थित आरके एक्सरे-सोनाेग्राॅफी सेंटर स्वास्थ्य विभाग-पुलिस की संयुक्त कार्रवाई के बाद से सील है।
सेंटर पर भ्रूण लिंग परीक्षण के गंभीर मामला सामने आने के बाद यह कार्रवाई की गई है। बावजूद इसके जिले के एक विधायक स्वास्थ्य विभाग पर दबाव बना रहे हैं कि डाॅक्टर आरके अग्रवाल का एक्सरे सेंटर खोल दिया जाए, भले ही सोनोग्राॅफी सेंटर बंद रहे।
न्यूज पोर्टल में यह तो बताया जा रहा है कि स्वास्थ्य विभाग पर सील खोलने विधायक का कथित दबाव है लेकिन यह कौन विधायक हैं वह नाम जाहिर नहीं किया जा रहा है। यह भी जानकारी मिली है कि जिले के 8 में से सात विधायक स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई से सहमत हैं।
27 जुलाई 2026 में जबलपुर के सिविक सेंटर और अधारताल स्थित आरके डिजिटल एक्सरे एवं सोनोग्राफी सेंटर को अवैध गर्भ लिंग परीक्षण के मामले में स्वास्थ्य विभाग और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई के बाद सील कर दिया गया था।
पुलिस, प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की टीम ने अवैध लिंग परीक्षण की सूचना पर कार्रवाई करते हुए आरके सेंटर की सिविक सेंटर और अधारताल दोनों शाखाओं को सील कर दिया था। छापामारी के दौरान रजिस्टर, ऑनलाइन लेन-देन के दस्तावेज और अन्य महत्वपूर्ण रिकाॅर्ड जब्त किए गए।
जांच में रजिस्टर में दर्ज महिलाओं के पते और उम्र में गड़बड़ी व संदिग्ध जानकारियां पाई गईं। आरके सेंटर की सिविक सेंटर शाखा का डाॅक्टर आरके अग्रवाल व अधारताल शाखा डाॅक्टर सतीश अग्रवाल संचालन कर रहे थे।
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