
नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। कृषि और पशु चिकित्सा के क्षेत्र में शिक्षा, अनुसंधान और तकनीकी विकास को नई दिशा देने के लिए जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय और नानाजी देशमुख पशु चिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय, जबलपुर के बीच समझौता ज्ञापन (एमओयू) हुआ है।
इसके तहत दोनों विश्वविद्यालय मिलकर शोध परियोजनाओं पर काम करेंगे। साथ ही विद्यार्थियों को एक-दूसरे के विशेषज्ञों से मार्गदर्शन लेने और पीएचडी के शोध कार्यों में सहयोग का अवसर मिलेगा। इस पहल से कृषि विद्यार्थियों, किसानों और पशुपालकों को लाभ पहुंचाने की दिशा में प्रयास किए जाएंगे।
गुरुवार को हुए इस समझौते का उद्देश्य दोनों विश्वविद्यालयों के बीच शैक्षणिक सहयोग बढ़ाना, अनुसंधान की गुणवत्ता में सुधार करना और विस्तार सेवाओं के साथ अधोसंरचना विकास की संभावनाओं को तलाशना है।
दोनों संस्थान राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों के समक्ष शोध परियोजनाओं के प्रस्ताव संयुक्त रूप से प्रस्तुत कर सकेंगे। इससे कृषि और पशु चिकित्सा से जुड़े विषयों पर व्यापक शोध को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
एमओयू के तहत जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों को पशु चिकित्सा विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों से मार्गदर्शन प्राप्त करने का अवसर मिलेगा। इसी तरह पशु चिकित्सा के विद्यार्थी कृषि विश्वविद्यालय के विशेषज्ञों की मदद से अपने शोध कार्यों को आगे बढ़ा सकेंगे।
समझौते के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए दोनों विश्वविद्यालयों की ओर से नोडल अधिकारियों की नियुक्ति भी की जाएगी। ये अधिकारी संस्थानों के बीच समन्वय स्थापित करने और आवश्यक सूचनाओं के आदान-प्रदान में भूमिका निभाएंगे।
दोनों विश्वविद्यालय शिक्षा, अनुसंधान, विस्तार सेवाओं और अधोसंरचना विकास से जुड़े क्षेत्रों में मिलकर काम करेंगे। इससे दोनों संस्थानों के बीच ज्ञान और तकनीकी अनुभव का आदान-प्रदान मजबूत होगा।
एमओयू के दौरान जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डाॅ. प्रमोद कुमार मिश्रा, कुलसचिव रचना शर्मा, संचालक अनुसंधान सेवाएं डाॅ. एके जैन, संचालक विस्तार सेवाएं डाॅ. टीआर शर्मा और प्रभारी संचालक शिक्षण डाॅ. संजीव गर्ग व नानाजी देशमुख पशु चिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय की ओर से कुलसचिव डाॅ. राखी वैश, अधिष्ठाता छात्र कल्याण डाॅ. आदित्य मिश्रा और तकनीकी अधिकारी डाॅ. सुदीप्तो घोष मौजूद रहे।
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