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MP High Court: क्या सरकारी काम के लिए निजी मोबाइल-इंटरनेट मजबूरी? शिक्षकों की ई-अटेंडेंस पर फैसला सुरक्षित

सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की उपस्थिति दर्ज कराने के लिए लागू ई-अटेंडेंस व्यवस्था पर हाई कोर्ट में अब यह सवाल केंद्र में है कि सरकारी काम के लिए कर्म...और पढ़ें

By Surendra DubeyEdited By: ADITYA KUMAR
Publish Date: Mon, 10 Aug 2026 10:19:26 PM (IST)Updated Date: Mon, 10 Aug 2026 10:19:26 PM (IST)
MP High Court: क्या सरकारी काम के लिए निजी मोबाइल-इंटरनेट मजबूरी? शिक्षकों की ई-अटेंडेंस पर फैसला सुरक्षित
MP High Court: शिक्षकों की ई-अटेंडेंस पर फैसला सुरक्षित

HighLights

  1. शिक्षकों की ई-अटेंडेंस पर मप्र हाई कोर्ट ने फैसला रखा सुरक्षित
  2. सरकारी काम में निजी मोबाइल व इंटरनेट के बाध्यकारी उपयोग पर सवाल
  3. तकनीकी दिक्कत से रुके शिक्षकों के वेतन भुगतान की प्रक्रिया शुरू

नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की उपस्थिति दर्ज कराने के लिए लागू ई-अटेंडेंस व्यवस्था पर हाई कोर्ट में अब यह सवाल केंद्र में है कि सरकारी काम के लिए कर्मचारी को निजी संसाधन इस्तेमाल करने के लिए बाध्य किया जा सकता है या नहीं। न्यायमूर्ति विशाल धगट की एकलपीठ ने इस संबंध में दायर याचिका पर सुनवाई पूरी कर फैसला सुरक्षित कर लिया है।

याचिकाकर्ता की दलील: निजी मोबाइल और इंटरनेट का दबाव गलत

मैहर जिले के अमरपाटन निवासी सतेंद्र सिंह तिवारी की ओर से दायर याचिका में बताया गया कि ई-अटेंडेंस दर्ज करने के लिए शिक्षकों को निजी मोबाइल फोन और इंटरनेट कनेक्शन का उपयोग करना पड़ रहा है। उनकी ओर से अधिवक्ता अंशुमान सिंह ने तर्क दिया कि सरकारी व्यवस्था संचालित करने की जिम्मेदारी शासन की है। इसके लिए कर्मचारियों को निजी मोबाइल, इंटरनेट अथवा अन्य व्यक्तिगत संसाधन उपलब्ध कराने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता। याचिका में व्यक्तिगत डिजिटल जानकारी के इस्तेमाल से जुड़ा पहलू भी उठाया गया है।


तकनीकी खराबी से रुके वेतन का भुगतान शुरू, मुख्य फैसले पर टिकी निगाहें

ई-अटेंडेंस से जुड़े एक अन्य मामले में हाई कोर्ट के आदेश के बाद तकनीकी कारणों से हाजिरी दर्ज नहीं हो पाने वाले शिक्षकों के वेतन भुगतान की प्रक्रिया शुरू की गई है। अब मुख्य याचिका के फैसले से ई-अटेंडेंस लागू करने की जिम्मेदारी और कर्मचारियों के निजी संसाधनों के इस्तेमाल की सीमा स्पष्ट हो सकती है।

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