
नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर: जबलपुर में हाई कोर्ट के न्यायमूर्ति मनिंदर सिंह भट्टी की एकलपीठ ने एक महत्वपूर्ण आदेश जारी करते हुए राज्य शासन को निर्देश दिया है कि याचिकाकर्ता राहुल तिवारी को आयुसीमा में छूट प्रदान कर सूबेदार एवं उप निरीक्षक पुलिस भर्ती परीक्षा 2025 में शामिल किया जाए। हालांकि, कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि हाई कोर्ट की अनुमति के बिना याचिकाकर्ता का परीक्षा परिणाम घोषित नहीं किया जाएगा।
याचिकाकर्ता जबलपुर निवासी राहुल तिवारी की ओर से अधिवक्ता निखिल तिवारी और अतुल शुक्ला ने पैरवी की। उन्होंने दलील दी कि कोरोना काल के दौरान राज्य सरकार ने एक परिपत्र जारी कर विभिन्न परीक्षाओं में आयुसीमा में छूट देने का प्रावधान किया था। वर्तमान भर्ती में अनारक्षित वर्ग के लिए अधिकतम आयुसीमा 33 वर्ष तय है, लेकिन परिपत्र के अनुरूप तीन वर्ष की छूट लागू नहीं की गई। इसी आधार पर याचिका हाई कोर्ट में प्रस्तुत की गई।
अधिवक्ताओं ने यह भी तर्क दिया कि समान परिस्थितियों वाले मामलों में इंदौर खंडपीठ ने भी याचिकाकर्ताओं को अंतरिम राहत दी है। इस तर्क को ध्यान में रखते हुए कोर्ट ने राज्य शासन को आयुसीमा छूट लागू करने का निर्देश दिया है, जिससे याचिकाकर्ता परीक्षा में सम्मिलित हो सके। अब संबंधित विभाग को अदालत के निर्देशानुसार आगे की कार्रवाई करनी होगी।
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