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जबलपुर के प्राचीन विष्णु वराह मंदिर पर हाई कोर्ट की नजर, सरकार से चार हफ्ते में मांगी रिपोर्ट

मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश संजीव सचदेवा व न्यायमूर्ति द्वारिकाधीश बंसल की युगलपीठ ने जबलपुर के समीपस्थ मझौली स्थित सुप्रसिद्ध विष्णु वरा...और पढ़ें

By Digital DeskEdited By: Himadri Singh Hada
Publish Date: Tue, 07 Oct 2025 09:08:01 AM (IST)Updated Date: Tue, 07 Oct 2025 09:08:52 AM (IST)
जबलपुर के प्राचीन विष्णु वराह मंदिर पर हाई कोर्ट की नजर, सरकार से चार हफ्ते में मांगी रिपोर्ट
प्राचीन विष्णु वराह मंदिर पर हाई कोर्ट की नजर।

HighLights

  1. प्राचीन विष्णु वराह मंदिर पर हाई कोर्ट की नजर।
  2. राज्य सरकार से चार हफ्ते में मांगी गई रिपोर्ट।
  3. राज्य शासन को चार सप्ताह की मोहलत दी है।

नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश संजीव सचदेवा व न्यायमूर्ति द्वारिकाधीश बंसल की युगलपीठ ने जबलपुर के समीपस्थ मझौली स्थित सुप्रसिद्ध विष्णु वराह मंदिर के अतिक्रमणों व रखरखाव की रिपोर्ट तलब की है। इसके लिए राज्य शासन को चार सप्ताह की मोहलत दी है।

जबलपुर निवासी श्रवण कुमार सोनी ने जनहित याचिका में दलील दी है कि विष्णु वराह मंदिर धार्मिक व ऐतिहासिक दृष्टि से अति महत्वपूर्ण है। यह भगवान विष्णु के वराह अवतार को समर्पित एकमात्र मंदिर माना जाता है, जिसकी स्थापना 11वीं शताब्दी में हुई थी।


याचिकाकर्ता ने संबंधित प्राधिकारियों पर मंदिर के संरक्षण एवं रखरखाव में उदासीनता का आरोप लगाते हुए कहा कि यह प्राचीन स्मारक उपेक्षा के कारण अपनी गरिमा और धरोहर मूल्य खोता जा रहा है।