
नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। हाई कोर्ट ने जिला सहकारी केंद्रीय बैंक में वर्ष 1989 से चतुर्थ श्रेणी के पद पर अस्थायी रूप से कार्यरत रामचरण की सेवाएं नियमित करने का निर्देश दिया है।
याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता अशोक चक्रवर्ती ने पक्ष रखा। मुख्यपीठ जबलपुर में दायर याचिका पर 24 अप्रैल 2026 को कोर्ट ने बैंक को रामचरण को पूर्व लाभों सहित नियमित सेवा में लेने के निर्देश दिए थे।
इसके खिलाफ बैंक ने रिट अपील दायर की। न्यायमूर्ति आनंद पाठक और न्यायमूर्ति विनय सराफ की युगलपीठ ने 23 जुलाई 2026 को बैंक की अपील निरस्त कर दी।
पीठ ने रामचरण की सेवाएं चार सप्ताह के भीतर नियमित करने और उसे सेवा में लेने का निर्देश बरकरार रखा। रायसेन का रामचरण वर्ष 1989 से लगातार कार्यरत था, लेकिन करीब 27 वर्ष तक उसे नियमित कर्मचारी का दर्जा नहीं दिया गया।
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