जबलपुर, नईदुनिया प्रतिनिधि। मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने नाबालिग को एक सप्ताह के भीतर खोजकर पेश करने के निर्देश दिए हैं। न्यायमूर्ति विशाल मिश्रा की एकलपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। इस दौरान बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता असीम त्रिवेदी, आशीष त्रिवेदी, अपूर्व त्रिवेदी, अरविंद सिंह चौहान व आशीष तिवारी ने पक्ष रखा। उन्होंने दलील दी कि जबलपुर निवासी याचिकाकर्ता की नाबालिग पुत्री का जबलपुर के एक युवक ने अपहरण कर लिया था। इस मामले में उस युवक व उसके पिता के खिलाफ अपहरण व शोषण का अपराध दर्ज कराया गया था। अपहरणकर्ता के पिता को जमानत मिलने के बाद उसने याचिकाकर्ता की पुत्री का बयान बदलने दबाव डालना शुरू कर दिया। 18 सितंबर को याचिकाकर्ता की पुत्री गायब हो गई। लिहाजा, उसे आशंका है कि यह कृत्य युवक के पिता ने ही किया है। जाहिर सी बात है कि याचिकाकर्ता की पुत्री को खतरा है। ऐसे में पुलिस को पतासाजी करके कोर्ट के समक्ष पेश करना चाहिए। लेकिन पुलिस महज गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करके कर्तव्य की इतिश्री करने पर आमादा है।

हाई कोर्ट बार मतदाता सूची स्क्रूटनी कमेटी गठित : मध्य प्रदेश हाई कोर्ट बार एसोसिएशन, जबलपुर की मतदाता सूची स्क्रूटनी कमेटी का गठन कर दिया गया है। सचिव मनीष तिवारी से यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि गुरुवार को कार्यकारिणी की बैठक हुई, जिसमें स्क्रूटनी कमेटी को अंतिम रूप दिया गया। अध्यक्ष रमन पटेल के मार्गदर्शन में लिए गए निर्णय के अनुसार स्क्रूटनी की जिम्मेदारी अधिवक्ता संजय सिंह, अभिलाष डे और मनोज सिंह को प्रदान की गई। यह टीम मतदाता सूची की बारीकी से जांच कर खामियां दूर करेगी। इस तरह त्रुटिरहित मतदाता सूची को अंतिम रूप दिया जाएगा। बैठक में बार के वरिष्ठ उपाध्यक्ष परितोष त्रिवेदी, उपाध्यक्ष शंभूदयाल गुप्ता, सह सचिव पंकज तिवारी, कोषाध्यक्ष ओपी अग्निहोत्री, पुस्तकालय सचिव प्रमेंद्र सेन, कार्यकारिणी सदस्य योगेश सोनी, मनोज कुमार रजक, अजितेश तिवारी, प्रियंका मिश्रा, यश सोनी, संगीता नायडू मौजूद रहे।

Posted By: Brajesh Shukla

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