
Air Rifle Shooting: नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। निशानेबाजी खेल जगत में भारत का लोहा मनवा चुकी जबलपुर की बेटी गौतमी भनोत ने अपनी मेहनत, लगन और सफलता के लिए निरंतर प्रयास की बदौलत महज 17 साल की छोटी से उम्र में 10 मीटर एयर राइफल शूटिंग के जूनियर वर्ग में देश की नंबर-1 रैंक हासिल कर चुकी हैं और पिछले डेढ़ साल से उनकी इस रैंक के आसपास भी कोई नहीं टिक पा रहा।
वे नौ अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट में भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व करते हुए बेहद उम्दा निशानेबाज होने का परिचय दे चुकीं हैं। ओलंपिक को लक्ष्य कर अपने करियर को दिशा ने में जुटी गौतमी निशानेबाजी रेंज में चार से छह घंटे प्रैक्टिस कर रही हैं। अपने निशानेबाजी करियर को लेकर इस अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी ने नईदुनिया से विस्तार से चर्चा की।
जबलपुर में अंग्रेजी माध्यम से कक्षा 11वीं में अध्ययनरत गौतमी ने पहली बार निशानेबाजी शूटिंग रेंज में 2019 में कदम रखा। इससे पहले वे जब महज सात साल की थीं तब एक बार रेंज में शूटरों को अभ्यास करते हुए देखा था, तभी से उनकी दिलचस्पी दुनिया के सबसे लोकप्रिय खेल की ओर बढ़ चली थी। माता अदिति व पिता मनु भी बेटी को उम्दा निशानेबाज ही बनना चाहते थे और उन्होंने बेटी के अरमानों को पंख दिए।

गौतमी ने अपने करियर का पहला राष्ट्रीय टूर्नामेंट 2019 में भोपाल में खेला था। हालांकि उससे पहले वे 12 पदक जिला व राज्य स्तर के टूर्नामेंट में जीत चुकीं थीं। 19 से अधिक राष्ट्रीय टूर्नामेंट में मध्य प्रदेश का प्रतिनिधित्व करने वाली इस उम्दा निशानेबाज ने अपने अब तक के करियर में 9 अंतरराष्ट्रीय चैंपियनशिप में देश का नाम रोशन कर चुकीं हैं। जिसमें अकेले दक्षिण कोरिया में तीन और जर्मनी में एक टूर्नामेंट शामिल है।
2028 में लॉस एंजिल्स अमेरिका में आयोजित ओलंपिक को लक्ष्य कर गौतमी जमकर तैयारियों में जुटी हुई हैं। यही कारण है कि वे पढ़ाई के साथ करीब 4 से 6 घंटे निशानेबाजी रेंज में जमकर अभ्यास कर रहीं हैं। उन्हें गन फॉर ग्लोरी शूटिंग अकादमी में अंतरराष्ट्रीय कोच निशांत नाथवानी व शक्ति चक्रवर्ती अचूक निशानेबाज बनाने प्रयासरत हैं। गौतमी इसके अलावा अनेक राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट में बेस्ट कर 2028 तक का सफर तय कर पाएंगी।
- 9 अंतरराष्ट्रीय पदक, 5 स्वर्ण
- 19 राष्ट्रीय पदक
- 2 राष्ट्रीय रिकॉर्ड कायम किए
- खेलो इंडिया गोल्ड मेडलिस्ट
- जूनियर विश्व चैंपियनशिप में स्वर्ण
- एशियन चैंपियनशिप में स्वर्ण