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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 14, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Jabalpur News : अभी नहीं पहुंचेगा हर घर नर्मदा जल, दो वर्ष और करना होगा इंतजार

Jabalpur News : नर्मदा के किनारे बसे हैं, फिर भी शहर के 79 वार्डों के करीब एक लाख घरों में अब तक नर्मदा का मीठा जल नहीं पहुंच पाया है।

By Sunil dahiyaEdited By: Dheeraj kumar Bajpai
Publish Date: Tue, 14 May 2024 07:52:13 AM (IST)Updated Date: Tue, 14 May 2024 07:52:13 AM (IST)
Jabalpur News : अभी नहीं पहुंचेगा हर घर नर्मदा जल, दो वर्ष और करना होगा इंतजार

HighLights

  1. एक लाख घरों में नर्मदा जल पहुंचाने का था दावा।
  2. सर्वे कार्य कर लिया गया पूरा, स्वीकृति आदेश जारी।
  3. अमृत योजना फेज टू के तहत 312 करोड़ रुपये स्वीकृत।

Jabalpur News : नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। जबलपुर मां नर्मदा के किनारे बसा है, बावजूद इसके शहर के 79 वार्डों के करीब एक लाख घरों में अब तक नर्मदा का मीठा जल नहीं पहुंच पाया है। लोग अब भी बोरिंग, कुंए व टैंकरों के माध्यम से प्यास बुझा रहे हैं। जनप्रतिनिधि और अधिकारियों में इच्छाशक्ति के अभाव के कारण जिस गौरीघाट क्षेत्र से नर्मदा बह रही हैं उससे लगे बाबूराव परांजपे वार्ड में भी नर्मदा जल की आपूर्ति नहीं हो पाई है।

अब भी बोर व कुएं का पानी पीने के लिए मजबूर हैं

शास्त्री नगर, संजय नगर, आनंद नगर सहित उपनगरीय क्षेत्र रांझी, मोहनियां, मानेगांव गोहलपुर, मोहरिया, महाराजपुर सहित अधिकांश क्षेत्रों में लोग अब भी बोर व कुएं का पानी पीने के लिए मजबूर हैं। एक वर्ष पहले नगर निगम ने दावा किया था अगले दो वर्ष के भीतर अमृत योजना के दूसरे चरण में शहर के शेष एक लाख घरों में भी नर्मदा जल पहुंचने लगेगा। लेकिन हकीकत ये है कि अभी नर्मदा जल के लिए लोगों को और इंतजार करना होगा। शहर के शेष एक लाख घरों में दो वर्ष ही नर्मदा का मीठा जल पहुंच पाएगा।


1 लाख 60 हजार घरों में पहुंच रहा नर्मदा जल

नगर निगम के रिकार्ड में लाख 70 हजार संपत्तियां दर्ज है। जबकि नल कनेक्शन 1 लाख 60 हजार ने ही लिए हैें। इन घरों में रमनगरा, ललपुर, रांझी, भोंगाद्वार जलशोधन संयंत्रों के माध्यम से परियट, खंदारी जलाशयों के अलावा नहरों से बरगी का नर्मदा जल पहुंचाया जाता है। मसलन अब भी एक लाख 10 हजार घरों में नर्मदा जल नहीं पहुंच रहा है। अमृत योजना के प्रथम चरण में 16 टंकिया बनकर तैयार हो चुकी है। इसमें करीब 150 रुपये खर्च हुए थे। वर्तमान में शहर भर में तीन जलशोधन संयंत्रों से 60 टंकियों के माध्यम से 215 एमएलडी पानी की आपूर्ति की जा रही है।

गर्मी में बढ़ जाती है पानी की किल्लत

बोरिंग और कुएं के भरोसे रहने वाले नागरिकों को गर्मियों में पानी के लिए परेशान होना पड़ता है। गर्मी के दिनों में भू-जलस्तर नीचे पहुंच जाने से बोर दम तोड़ देती है। कुएं का पानी भी पाताल में पहुंच जाता है। कई बार टैंकरों से पानी लेने के लिए मारपीट की नौबत बन जाती है। लोगों को इधर-उधर पानी तलाशना पड़ता है।

आचार संहिता समाप्त होते ही शुरू होगा काम

नगर निगम के अधिकारियों का कहना है कि शहर में कहां-कहां नर्मदा जल अब तक नहीं पहुंच रहा इसका सर्वे कराया जा चुका है। मेयर इन काउंसिल से अमृत योजना फेज टू के तहत 312 करोड़ रुपये स्वीकृत हो गए हैं निविदा भी जारी कर दी गई है। नगर निगम के कार्यपालन यंत्री जल कमलेश श्रीवास्व का दावा है कि हर घर नर्मदा जल पहुंचाने का कार्य जून माह यानी लोकसभा चुनाव की आचार संहिता समाप्त होते ही शुरू करवा दिया जाएगा।

ऐसी है योजना

  • 312 करोड़ रुपये अमृत योजना फेज टू में होंगे खर्च
  • 475 किमी बिछाई जाएगी पाइप लाइन
  • 22 उच्चस्तरीय पानी की टंकियों का निर्माण किया जाएगा
  • 54 एमएलडी. क्षमता का रांझी में और बनेगा जलशोधन संयंत्र

अमृत योजना फेज टू के तहत हर घर में नर्मदा जल पहुंचाने की योजना में कार्य किया जा रहा है। राशि स्वीकृत हो चुके हैं टेेंडर भी हो गए हैं। आदर्श आचार संहिता हटते ही कार्य शुरू कराया जाएगा।

कमलेश श्रीवास्वत, कार्यपालन यंत्री जल, नगर निगम