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जबलपुर में नालियों के बीच से गुजर रहीं पेयजल लाइन, इनकी जांच में सहयोग नहीं मिलने पर एनजीटी ने निगम कमिश्नर को लिखा लेटर

राष्ट्रीय हरित अधिकरण एनजीटी ने जबलपुर में पेयजल पाइपलाइन के नालियों से गुजरने और जल प्रदूषण के मामले में नगर निगम और जिला प्रशासन के असहयोग पर नाराजग...और पढ़ें

By Surendra DubeyEdited By: Prashant Pandey
Publish Date: Thu, 16 Jul 2026 12:03:38 PM (IST)Updated Date: Thu, 16 Jul 2026 12:11:20 PM (IST)
जबलपुर में नालियों के बीच से गुजर रहीं पेयजल लाइन, इनकी जांच में सहयोग नहीं मिलने पर एनजीटी ने निगम कमिश्नर को लिखा लेटर
जबलपुर में इस तरह पीने के पानी की लाइन नालियों से होकर गुजर रही है। फाइल फोटो

HighLights

  1. शहर की पेयजल पाइपलाइन नालियों से गुजरने से जल प्रदूषण का संकट
  2. NGT ने जिला प्रशासन और नगर निगम के असहयोग पर कड़ा रुख अपनाया
  3. प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के साथ निरीक्षण में पूरा सहयोग सुनिश्चित कराने लिखा पत्र

नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। राष्ट्रीय हरित अधिकरण, एनजीटी ने शहर की पेयजल पाइपलाइन के नालियों से गुजरने और जल प्रदूषण के मामले में जिला प्रशासन और नगर निगम के असहयोग पर कड़ा रुख अपनाया है।

डॉ. पीजी नाजपांडे व रजत भार्गव द्वारा दायर मूल आवेदन पर सुनवाई करते हुए एनजीटी के न्यायिक सदस्य दिनेश कुमार सिंह व विशेषज्ञ सदस्य सुधीर कुमार चतुर्वेदी की युगलपीठ ने ट्रिब्यूनल के रजिस्ट्रार को निर्देश दिए कि वे कलेक्टर जबलपुर और नगर निगम आयुक्त को पत्र लिखकर मध्य प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के साथ संयुक्त निरीक्षण में पूरा सहयोग सुनिश्चित कराएं। मामले की अगली सुनवाई 12 अगस्त 2026 को होगी।

सुनवाई के दौरान प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने बताया कि नगर निगम और जिला प्रशासन के सहयोग के अभाव में स्थल निरीक्षण नहीं हो सका, जबकि पूर्व में एक माह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए थे।


चार हफ्ते का आखिरी अवसर दिया

इसे गंभीर मानते हुए ट्रिब्यूनल ने निरीक्षण कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए दो सप्ताह का समय दिया तथा नगर निगम को जवाब प्रस्तुत करने के लिए चार सप्ताह का अंतिम अवसर प्रदान किया। याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता हर्षवर्धन तिवारी खड़े हुए। आवेदक को एक सप्ताह के भीतर शेष प्रतिवादियों को नोटिस तामील कराने के निर्देश दिए गए हैं।

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