
नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। नेताजी सुभाष चंद्र बोस मेडिकल कालेज में जल्द ही रोबोटिक सर्जरी की शुरुआत होने का रास्ता लगभग साफ हो गया है। लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग ने कालेज प्रशासन के प्रस्ताव को सैद्धांतिक सहमति दे दी है।
योजना का उद्देश्य सरकारी चिकित्सा व्यवस्था में अत्याधुनिक रोबोटिक तकनीक के जरिए अधिक सटीक, सुरक्षित और किफायती सर्जरी की सुविधा उपलब्ध कराना है। पहले चरण में यह तकनीक स्टेट कैंसर इंस्टीट्यूट (एससीआइ) में शुरू की जाएगी।
वहीं, मेडिकल कालेज की महत्वाकांक्षी ई-म्यूजियम परियोजना को अभी विभागीय मंजूरी का इंतजार है। करीब दो करोड़ रुपये की इस योजना का उद्देश्य चिकित्सा शिक्षा को डिजिटल और इंटरएक्टिव स्वरूप देना है।
ई-म्यूजियम के माध्यम से छात्र, शिक्षक और शोधकर्ता आधुनिक तकनीक के जरिए अध्ययन और प्रशिक्षण की बेहतर सुविधाएं प्राप्त कर सकेंगे। हालांकि, फिलहाल इस परियोजना को स्वीकृति मिलने में और इंतजार करना होगा।
रोबोटिक सर्जरी एक आधुनिक तकनीक है, जिसमें रोबोट खुद ऑपरेशन नहीं करता, बल्कि प्रशिक्षित सर्जन कंप्यूटर कंसोल पर बैठकर रोबोटिक भुजाओं को नियंत्रित करते हैं। यह तकनीक सर्जन को 3डी एचडी विजन और उच्च सटीकता प्रदान करती है, जिससे छोटे चीरों के साथ जटिल ऑपरेशन संभव होते हैं। साथ ही इसमें रिकवरी तेज होती है।
मध्य प्रदेश के सरकारी क्षेत्र में रोबोटिक सर्जरी की शुरुआत मुख्य रूप से भोपाल एम्स और गांधी मेडिकल कॉलेज (जीएमसी) भोपाल में की गई है। इसके अलावा इंदौर के सरकारी एमवाय अस्पताल में भी इसकी प्रक्रिया व विस्तार पर कार्य चल रहा है।