
नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। कटंगी रोड बेलखाडू के समीप खैरी गांव मॉल बाबा मंदिर के सामने अश्वनी हॉस्पिटल स्थित है। यहां सुबह साढ़े नौ बजे युवक को बॉटल इंजेक्शन लगाने के बाद दस मिनट में उसकी मृत्यु हो गई जिसको लेकर परिजनों की बड़ी संख्या हॉस्पिटल पहुंचकर हंगामा किया।
हंगामे की जानकारी लगते ही कटंगी थाना प्रभारी गोपिंद्र सिंह राजपूत चौकी प्रभारी बेलखाडू एसआई अमित मिश्रा बड़े पुलिस बल के साथ हॉस्पिटल पहुंचे और कैमरे की रिकॉर्डिंग देखी।

झगरा के समीप कोयला भट्टा कॉलोनी में रहने वाले पिता जगदीश मां मंजू चौधरी के दूसरे पुत्र शेखर चौधरी 18 वर्ष को रात 12 बजे बुखार पेट में तकलीफ को लेकर आए जहां 4 घंटे कैमरे में दिख रहे कम्पाउंडर ने इंजेक्शन लगाकर इलाज कर घर भेज दिया। सुबह पुनः कुछ तकलीफ होने पर दोबारा अश्वनी हॉस्पिटल लाए जहां उसकी कुछ ही देर में इलाज दौराम मौत हो गई।
परिजनों को पुलिस ने घर भिजवाकर हॉस्पिटल की संचालिका सरिता साहू से मौके पर पूछताछ प्रारंभ करते हुए विवेचना जारी रखी। स्वास्थ्य केंद्र बेलखाडू एवं ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर पनागर की टीम ने पूरी हॉस्पिटल में गंभीर रूप से छानबीन की। पुलिस ने मार्ग कायम कर लाश को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
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पनागर बीएमओ श्रीपति मिश्रा ने बताया कि हॉस्पिटल संचालिका अपने को बीएएमएस बताई, लेकिन हॉस्पिटल से , पढ़ाई से संबंधित कोई भी दस्तावेज, डिग्री उपलब्ध नहीं करा सकीं। मृतक को लगायी गई बॉटल एक वर्ष पूर्व एक्सपायर हो चुकी थी। अनेकों एक्सपायरी दवाइयां मौके पर मिली।
हॉस्पिटल के रिकॉर्ड, रजिस्ट्रेशन, मरीजों के आवक जावक रजिस्टर जैसे कोई भी दस्तावेज मौके पर नहीं मिले। प्रारंभिक जांच में गंभीर लापरवाही एवं युवक शेखर चौधरी की मौत को लेकर पंचनामा पुलिस कार्यवाही के बाद हॉस्पिटल सील कर दी गई है, पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद और स्थिति साफ हो जाएगी।
