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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 15, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Mp High Court : चेक बाउंस के केस में निर्धारित प्रक्रिया का पालन नहीं

Mp High Court : आरोप लगाया गया कि राशि वापस करने की मंशा से जारी किया गया चेक बैंक में डालने पर अनावेदक के खाते में पर्याप्त राशि न होने के कारण अनादृ...और पढ़ें

By Dheeraj kumar BajpaiEdited By: Dheeraj kumar Bajpai
Publish Date: Fri, 15 Dec 2023 12:50:00 PM (IST)Updated Date: Fri, 15 Dec 2023 12:50:00 PM (IST)
Mp High Court : चेक बाउंस के केस में निर्धारित प्रक्रिया का पालन नहीं

HighLights

  1. अदालत ने दोष सिद्ध न पाते हुए दे दी राहत।
  2. यह मामला 2018 से लंबित है।
  3. आरोपों को प्रमाणित करने में नाकाम रहा है।

Mp High Court : नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। प्रथम श्रेणी न्यायिक दंडाधिकारी अरविंद सिंह टेकाम की अदालत ने अपने एक महत्वपूर्ण आदेश में साफ किया कि चेक बाउंस के केस में निर्धारित प्रक्रिया का पालन आवश्यक है। इस मामले में परिवादी कटंगी रोड, माढ़ोताल थाना अंतर्गत कठौंदा, सूरतलाई निवासी नेमचंद यादव अनावेदक एपीआर कालोनी, कटंगी रोड, माढ़ाताल थाना अंतर्गत एमपीआर कालोनी, रामनगर, लम्ती करमेता निवासी सतीश कुमार दुबे के विरुद्ध आरोप प्रमाणित करने में असफल रहा, अत: दोषमुक्त किया जाता है।

राशि वापस करने की मंशा से जारी किया

इस परिवाद की सुनवाई के दौरान अनावेदक सतीश कुमार दुबे की ओर से अधिवक्ता अभिषेक वर्मा ने पक्ष रखा। उन्होंने दलील दी कि परिवादी ने जरूरत के समय अनावेदक को आठ लाख रुपये उधार देने की जानकारी दी गई। साथ ही आरोप लगाया गया कि राशि वापस करने की मंशा से जारी किया गया चेक बैंक में डालने पर अनावेदक के खाते में पर्याप्त राशि न होने के कारण अनादृत हाे गया।


आरोपों को प्रमाणित करने में नाकाम

2018 से लंबित मामले मेंअब तक परिवादी पक्ष लगाए गए आरोपों को प्रमाणित करने में नाकाम रहा है। ऐसा इसलिए क्योंकि परिवाद पेश करने के सिलसिले में विहित प्रक्रिया का ठीक से पालन तक नहीं किया गया। साथ ही लगाए गए आरोप भी अनर्गल हैं। लिहाजा, अनावेदक राहत का हकदार है। अदालत ने मांग मंजूर कर ली।