
नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। हाई कोर्ट ने प्रधानमंत्री काॅलेज ऑफ एक्सीलेंस में प्रभारी प्राचार्यों की पदस्थापना और वरिष्ठता विवाद पर संबंधित प्राध्यापकों के लिए काॅमन ओपन काउंसलिंग आयोजित करने के निर्देश दिए हैं।
न्यायमूर्ति विवेक रूसिया और न्यायमूर्ति प्रदीप मित्तल की युगलपीठ ने राज्य शासन की रिट अपीलों का निराकरण करते हुए पदस्थापना के लिए वैकल्पिक व्यवस्था निर्धारित की।
इस मामले में प्रोफेसर डाॅ. यशवंत कुमार मिश्रा ने डाॅ. वस्तोष्पति शास्त्री की प्रभारी प्राचार्य के रूप में नियुक्ति को चुनौती दी थी।
संबंधित महाविद्यालय रतलाम स्थित शासकीय कला एवं विज्ञान स्नातकोत्तर महाविद्यालय है। चार सितंबर 2025 को एकलपीठ ने अधिक विकल्प देने अथवा काॅमन काउंसलिंग कराने के निर्देश दिए थे। इसके विरुद्ध राज्य शासन सहित संबंधित पक्षों ने रिट अपीलें दायर कीं।
युगलपीठ के निर्देशानुसार, प्राचार्य अथवा प्रभारी प्राचार्य बनने के इच्छुक संबंधित प्राध्यापकों के लिए ओपन काउंसलिंग होगी। पसंद का महाविद्यालय नहीं मिलने पर वे दो अन्य शासकीय महाविद्यालयों का विकल्प दे सकेंगे अथवा अपने वर्तमान महाविद्यालय में बने रह सकते हैं।
वर्तमान महाविद्यालय में बने रहने की स्थिति में उन्हें संबंधित पीएम काॅलेज ऑफ एक्सीलेंस में अपने कनिष्ठ के प्रभारी प्राचार्य होने पर आपत्ति नहीं होगी। नियमित शासकीय महाविद्यालय में पदस्थ किए जाने पर संबंधित प्राध्यापक की वरिष्ठता के आधार पर प्रभारी प्राचार्य पद के लिए विचार किया जाएगा। अब शासन को न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप आगे की प्रक्रिया पूरी करनी होगी।
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