Jabalpur News : नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। शुक्रवार की रात को दवा दुकान का निरीक्षण करने पहुंचे औषधि निरीक्षक को प्रारंभिक जांच में गड़बड़ी मिली है। बार कोड स्कैन करके देखने पर उपभोक्ता की शिकायत प्रथम दृष्टतया सही पाई गई है। दवा दुकान संचालक से संबंधित इंसुलिन इंजेक्शन के क्रय-विक्रय की जानकारी मांगी गई है। दवा भंडारण के मानकों का भी परीक्षण किया जा रहा है।
औषधि विभाग के अनुसार संबंधित दवा निर्माता कंपनी और उसकी आपूर्ति करने वाले थोक व्यापारी से भी मामले में जानकारी ली जा रही है। राज्य प्रयोगशाला से प्राप्त रिपोर्ट के अनुसार आगे नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। औषधि विभाग ने प्रारंभिक सावधानी रखते हुए संबंधित बैच के इंजेक्शन के विक्रय पर अभी रोक लगा दी है।
शिकायकर्ता अनुराग यादव ने बताया कि वह मधुमेह रोग से पीड़ित है। रोग पर नियंत्रण के लिए इंसुलिन के इंजेक्शन लेता है। गत माह उसने रसल चौक स्थित बेस्ट प्राइस फार्मेसी से इंसुलिन इंजेक्शन क्रय किया था। इस इंजेक्शन के प्रयोग के बाद उसके शरीर में मुधमेह का स्तर बढ़ गया। निरंतर उपयोग के बाद उसके मुंह में छाले पड़ने लगे। इस बीच दवा की जानकारी जांचने के लिए बारकोड स्कैन किया तो उत्पाद के बारे में जनरल परपस क्लीनर लिखा आया। तब उसने शिकायत की।