
जबलपुर, नईदुनिया प्रतिनिधि। रेलवे स्टेशन से लेकर ट्रेन और रेलवे कार्यालय में तैनात कर्मचारियों को यूनिफार्म में रहना है। इनमें रनिंग स्टॉफ से लेकर मैकेनिकल, ऑपरेटिंग, कमर्शियल, मेडिकल और इंजीनियरिंग विभाग के रेल कर्मचारी शामिल हैं। इन्हें हर साल 5 हजार से 20 हजार रुपए तक का यूनिफार्म भत्ता मिलता है, लेकिन इनमें आधे से ज्यादा ऐसे कर्मचारी हैं, जिन्हें यूनिफार्म पहनना तो दूर उन्हें इसका रंग भी पता नहीं है। रेलवे के मुताबिक टीटीई स्टॉफ को सफेद पेंट-शर्ट के साथ ब्लू कोट पहनना है, लेकिन उन्हें इसकी जानकारी ही नहीं। वे ब्लैक कोट पहनकर ड्यूटी कर रहे हैं।
स्टेशन से ऑफिस में कराया ट्रांसफर
जबलपुर मंडल और जोन कार्यालय में कई ऐसे रेल कर्मचारी हैं, जो बकायदा रेलवे से यूनिफार्म भत्ता ले रहे हैं, लेकिन यूनिफार्म नहीं पहन रहे। कईयों ने स्टेशन और रनिंग स्टॉफ से अपना स्थानांतरण विभाग करा लिया, फिर भी भत्ता ले रहे हैं। खास बात यह है कि इस भत्ते का स्वीकृति देने की जिम्मेदारी विभागाध्यक्ष के पास है, वो भी बिना देखे इस पास कर देते हैं। इस भत्ते का उपयोग यूनिफार्म की बजाए घूमने-फिरने में हो रहा है।
कमर्शियल विभाग ने सर्कुलेट कराया आदेश
कमर्शियल विभाग के सीनियर डीसीएम ने यूनिफार्म पहनने का आदेश सर्कुलेट करा दिया है। इस आदेश को इससे पहले 2018 में सर्कुलेट किया गया था, लेकिन सिर्फ स्टेशन पर तैनात स्टॉफ पर ही इसका असर हुआ। पिछले दिन इस आदेश को सभी स्टॉफ तक पहुंचा दिया गया है, ताकि वे भत्ता लेकर यूनिफार्म खरीदें
किसे कितना मिलता है भत्ता
नॉन टेक्निकल स्टॉफ- 5 हजार रुपए ऑपरेटिंग से लेकर रनिंग स्टॉफ- 10 हजार रुपए
इंजीनियरिंग विभाग का रनिंग स्टॉफ- 20 हजार रुपए
यह भी सच है
हर साल लगभग 1 करोड़ रुपए यूनिफार्म भत्ते के तौर पर ऐसे लोगों को दिया जाता है, जो यूनिफार्म ही नहीं पहननते। हालांकि पहले रेलवे कपड़ा देता था, लेकिन अब इसकी जगह भत्ता देने शुरू कर दिया है।
कमर्शियल विभाग से यूनिफार्म पहनने संबंधित आदेश सर्कुलेट कराया है, ताकि यूनिफार्म भत्ता लेने वाले कर्मचारी यूनिफार्म पहनने। बसंत शर्मा, सीनियर डीसीएम, जबलपुर मंडल