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रसिकदुलारी की मां बोलीं-फौजी बनना था, संत बन गया; दो साल से मिली अब देख रही चिता जलते

महंत गंगा दास ने यमुना खादर में बनाए गए आश्रम पर सवाल उठाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इस मामले में कार्रवाई नहीं हुई, तो संतों का प्रतिनिधिमंडल मुख्य...और पढ़ें

By Digital DeskEdited By: Dheeraj kumar Bajpai
Publish Date: Tue, 29 Sep 2026 04:13:37 PM (IST)Updated Date: Tue, 29 Sep 2026 04:13:37 PM (IST)
रसिकदुलारी की मां बोलीं-फौजी बनना था, संत बन गया; दो साल से मिली अब देख रही चिता जलते
मां बोलीं- करीब 11 बार उससे मिलने गए लेकिन आश्रम में घुसने नहीं दिया।

HighLights

  1. साधक रसिकदुलारी शरण की मृत्यु को लेकर कई सवाल खड़े किए गए
  2. संतों ने की रसिकदुलारी शरण की मृत्यु की उच्च स्तरीय जांच की मांग
  3. संत प्रेमानंद के आश्रम में बड़ी संख्या में दीक्षित साधक और साधिकाएं रहते हैं

नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। वृंदावन में जहां एक तरफ साधक रसिकदुलारी शरण की चिता जल रही थी वहीं दूसरी ओर उनकी मां का दिल रो रहा था, जिसे जन्म दिया उसकी ही चिता जलते देख मां का कलेजा मुंह को आ रहा था। वे बस यही बोलती रहीं कि मेरा लाल सेना में जाना चाहता था।

फिजिकल नहीं निकाल पाया तो धर्म के रास्ते पर चल पड़ा

आगे बोलीं कि पढ़ाई में अच्छा था लेकिन किसी कारण से फिजिकल नहीं निकाल पाया तो धर्म के रास्ते पर चल पड़ा। इसी बीच वृंदावन वाले प्रमा महाराज के वीडियो देखकर उनका अनुयायी बनने की ठान ली। दो साल पहले वृंदावन गया था, फिर उसका चेहरा तक नहीं देख पाए। करीब 11 बार उससे मिलने गए लेकिन आश्रम में घुसने नहीं दिया। एक बार भी अपने लाला को नहीं देख पाई। अब उसकी लाश मिली है।


आत्महत्या करने के मामले में संतों ने अपनी चुप्पी तोड़ी

संत प्रेमानंद के शिष्य द्वारा चौथी मंजिल से कूदकर आत्महत्या करने के मामले में संतों ने अपनी चुप्पी तोड़ी। संतों की बैठक में शिष्य रसिकदुलारी शरण की संदिग्ध मृत्यु की उच्चस्तरीय जांच की मांग उठाई गई। आरोप लगाया गया कि संत प्रेमानंद के शिष्य श्रद्धालुओं के साथ अभद्रता करते हैं।

ललित कुंज में महामंडलेश्वर राधाप्रसाददेव की अध्यक्षता में बैठक

परिक्रमा मार्ग स्थित ललित कुंज में महामंडलेश्वर राधाप्रसाददेव की अध्यक्षता में हुई बैठक में साधक रसिकदुलारी शरण की मृत्यु को लेकर कई सवाल खड़े किए गए। महंत मोहिनी बिहारी शरण ने कहा कि संत प्रेमानंद के आश्रम में बड़ी संख्या में दीक्षित साधक और साधिकाएं रहते हैं।

घटना के कारणों की उच्चस्तरीय जांच की आवश्यकता

महंत मोहिनी बिहारी शरण ने कहा कि आश्रम परिसर से अप्रिय घटनाओं की सूचना अक्सर आती है, और रसिकदुलारी शरण की संदिग्ध मृत्यु ने इस पर और सवाल खड़े कर दिए हैं। उन्होंने घटना के कारणों की उच्चस्तरीय जांच की आवश्यकता पर जोर दिया।

वृंदावन में हजारों संत रहते हैं, लेकिन प्रशासन का ध्यान अपेक्षित नहीं

महामंडलेश्वर राधा प्रसाद देव ने कहा कि वृंदावन में हजारों संत रहते हैं, लेकिन प्रशासन का ध्यान अपेक्षित नहीं है। इससे अपराधी प्रवृत्ति के लोग साधु का चोला धारण कर निवास कर रहे हैं।

बैठक में यह संत रहे उपस्थित

बैठक में श्रीदास प्रजापति, राजेश शास्त्री, हरियानंद सरस्वती, मूलचंद गिरी, सेवादास, सतीश गिरी, चंदन महाराज, हरीगिरी, अंकित शास्त्री, पुरुषोत्तम, अभिलाख, अक्षत, सूरज और कृष्ण दास भी उपस्थित थे।

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