
MP News : नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। नेताजी सुभाष चंद्र बोस मेडिकल कालेज अस्पताल में पहली बार दाग रहित थायराइड कैंसर और लिम्फ नोड सर्जरी की गई। चिकित्सकों का दावा है कि मध्यभारत में मेडिकल पहला शासकीय संस्थान है जहां इस सर्जरी का लाभ मरीजों को मिलने लगा है।
मेडिकल के अधीक्षक डा. अरविंद शर्मा ने बताया कि नरसिंहपुर निवासी 30 वर्षीय युवती गले में गांठ की बीमारी से पीड़ित थी। चिकित्सीय परामर्श में थायराइड कैंसर का पता चलने पर स्वजन उसे लेकर मेडिकल कालेज अस्पताल पहुंचे।
स्तन कैंसर थायरायड और एंडोेक्राइन यूनिट के विशेषज्ञों ने आपरेशन की सलाह दी। परंतु चीरे के कारण गले पर बनने वाले निशान को लेकर चिंतित युवती आपरेशन कराने के लिए तैयार नहीं हो रही थी।
मेडिकल के स्तन कैंसर और थायराइड विशेषज्ञ डा. संजय कुमार यादव ने युवती को दाग रहित सर्जरी करने का आश्वासन दिया। जिसके बाद एंडोस्कोपिक पद्धति से थायराइड कैंसर और लिम्फ नोड सर्जरी की गई।
डा. यादव ने बताया कि दाग रहित सर्जरी की प्रक्रिया एंडोस्कोपिक पद्धति से होती है। इसे नेचुरल आरिफिस ट्रांसल्यूमिनल एंडोस्कोपिक सर्जरी (नोट्स) कहा जाता है।
निजी अस्पतालों में इस सर्जरी के लिए चार से पांच लाख रुपये खर्च संभावित है। जबकि मेडिकल कालेज में इसकी निश्शुल्क सुविधा उपलब्ध है। सर्जरी में डा. सिलोदिया, डा. अरविंद, डा. प्रदीप, डा. नव्या, डा. जया, डा. गोपाल मरावी के सहयोग रहा।
मेडिकल कालेज के डीन प्रो. नवनीत सक्सेना, विभागाध्यक्ष डा. पवन अग्रवाल ने कहा कि मेडिकल में मरीजों को अतिआधुनिक चिकित्सा सुविधाएं मिल रही हैं।