जबलपुर नईदुनिया प्रतिनिधि। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि रानी दुर्गावती की शौर्य गाथा पाठ्यक्रमों में शामिल की जाएगी। रानी दुर्गावती के बलिदान दिवस पर आयोजित जिला गौरव दिवस कार्यक्रम में पत्रकारों से चर्चा के दौरान उन्होंने यह बात कही। गौरव दिवस का आयोजन रानी दुर्गावती के समाधि स्थल नर्रई नाला में किया गया। मुख्यमंत्री चौहान ने अागे कहा कि वीरांगना रानी दुर्गावती नारी सशक्तिकरण व स्वाभिमान का प्रतीक हैं। जिन्होंने कभी गुलामी स्वीकार नहीं की। अकबर की आधीनता स्वीकार न कर सेना के साथ वीरता से लड़ीं। युद्ध के दौरान एक तीर उनके गले में लगा। किसी विधर्मी का हाथ उनके शरीर को न छू पाए इसलिए उन्होंने स्वयं तलवार भोंककर अपना बलिदान दे दिया था। वे वीरांगना थीं, कुशल शासक व जनता की सच्ची सेवक थीं। उन्होंने मुगलों के दांत खट्टे किए। कार्यक्रम स्थल पर मुख्यमंत्री ने रानी दुर्गावती की समाधि पर पुष्पांजलि अर्पित की। आदिवासी समुदाय के लोगों ने पारंपरिक नृत्य कर उनका स्वागत किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने महिलाओं द्वारा संचालित संस्कारधानी आजीविका दीदी कैफे में समोसा, बरा, खीर खाई और चाय पी। विधायक इंदू तिवारी समेत अन्य जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम स्थल पर बरगद के पौधे का रोपण किया।

रानी दुर्गावती के बाद प्रधानमंत्री मोदी-

मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि रानी दुर्गावती ने जैसा राज्य चलाया वह अद्भुत था। विशेषकर जल प्रबंधन में उनकी दूरदर्शिता देखते ही बनती है। अकेले जबलपुर में 52 ताल व 84 तलैया बनवाई थीं। तब नर्मदा के कारण पानी की शायद कमी नहीं थी। फिर भी रानी ने जगह-जगह पानी रोकने की व्यवस्था की। एक तालाब भरा तो पानी दूसरे तालाब में, दूसरा भरा तो तीसरे तालाब में जो कि उत्कृष्ट इंजीनियरिंग का उदाहरण है। मुख्यमंत्री ने कहा कि रानी दुर्गावती के बाद जल प्रबंधन पर सर्वाधिक ध्यान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिया है। आजादी के 75वें वर्ष में हर जिले में 75 अमृत सरोवरों का निर्माण किया जा रहा है।

सुशासन व सबको साथ लाने की कोशिश-

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे जो भाई बहन विकास की दौड़ में पीछे रह गए हैं। उनको सुशासन देकर सबके साथ लाने की कोशिश की जा रही है। जनजातीय समुदाय के लिए कई कल्याणकारी योजनाएं लागू की गईं। गरीब इज्जत से जिंदगी जी पाएं इसलिए रोटी, कपड़ा, मकान, पढ़ाई लिखाई, दवाई और रोजगार का इंतजाम प्राथमिकता के विषय हैं। जनजातीय नायकों का सर्वोच्च सम्मान भाजपा सरकार में हुआ। रानी दुर्गावती की समाधि हो या राजा शंकर शाह रघुनाथ शाह की प्रतिमा लगाने व स्मारक बनवाने का काम भाजपा सरकार न ेकिया। बिरसा भगवान के जन्मदिन पर जनजातीय गौरव दिवस मनाया जा रहा है। टंट्या भील टंट्या नायक का स्मारक बनवाया गया।

20 प्रतिशत राशि समितियों को-

मुख्यमंत्री ने कहा कि जनजातीय समुदाय व जंगलों में रहने वालों को वनोपज पर अधिकार दिया गया है। इमारती लकड़ी बिकने पर 20 ्प्रतिशत राशि जनजाति भाई बहनों व समितियों को दी जाएगी। ग्राम सभा तेंदूपत्ता तोड़े, वही बेचे और मजदूरी भी वही तय करे। विकास की दौड़ में किसी को पीछे नहीं रहने दिया जाएगा। मुख्यमंत्री जब कार्यक्रम स्थल से रवाना हुए तो अधारताल थाना क्षेत्र निवासी एक महिला उनके सामने पहुँच गई। रोते हुए उसने अपनी बेटी के प्रकरण की जांच कराने की मांग की।

Posted By: Mukesh Vishwakarma

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