
जबलपुर, नईदुनिया प्रतिनिधि। विशेष न्यायालय ने नाबालिग बहन से दुष्कर्म के आरोपित सौतेले भाई का दोष सिद्ध पाया। इसी के साथ आजीवन कारावास की सजा सुना दी। छह हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया।
अभियोजन की ओर से अतिरिक्त जिला लोक अभियोजन अधिकारी स्मृतिलता बरकड़े ने पक्ष रखा। उन्होंने दलील दी कि पांच अक्टूबर, 2018 को विजय नगर थाने में शिकायत दर्ज कराई गई थी। जिसमें आरोप लगाया गया था कि 27 अगस्त, 2015 को पीड़िता लाडली बसेरा में थी। इस दौरान सौतेला भाई आया और उसे व उसके छोटे भाई को रक्षाबंधन का त्योहार मनाने के लिए ले गया।उस समय तक आरोपित विजय नगर में ही उनके साथ रहता था। रक्षाबंधन के बाद वह लाडली बसेरा नहीं आई।
आरोपित ने उसे कचनार सिटी के एक घर में झाडू-पोंछे के काम में लगा दिया। एक दिन आरोपित आया, एक निर्माणाधीन मकान के पास ले गया और दुष्कर्म को अंजाम दिया। किसी से कुछ बताने पर जान से मारने की धमकी भी दी। इसके बाद किसी दूसरे घर में काम पर लगा दिया। वह बार-बार किसी बहाने से अपने साथ ले जाता और दुष्कर्म करता। उसने दोस्त के घर ले जाकर भी दुष्कर्म किया। इसके बाद वह अपनी बहन की सहेली के यहां रहने लगी। इसी बीच एक पुलिस अधिकारी के घर पर काम मिल गया। उन्होंने आगे चलकर लाडली बसेरा सेवा भारती पहुंचा दिया। जहां नीलिमा देशपांडे ने पीड़िता की काउंसिलिंग की। उसने उन्हें आपबीती सुनाई। जिसके बाद पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई। इसके बाद पुलिस ने मामले को जांच में लिया था।