Jabalpur News : अतुल शुक्ला, नई दुनिया, जबलपुर। जबलपुर रेलवे स्टेशन को लगभग साढ़े तीन सौ करोड़ से विश्वस्तरीय का बनाया जा रहा है। इस दौरान यात्री और ट्रेन, दोनों सुविधाओं में इजाफा होगा, लेकिन मुख्य रेलवे स्टेशन पर मालगाड़ी के आवागमन को रोका जाएगा। इसके लिए रेलवे, मालगाडि़यों के लिए बायपास रेलवे ट्रैक बनाने जा रहा है। यह रेलवे ट्रैक गोसलपुर रेलवे स्टेशन से कटकर सीधे भिटौनी रेलवे स्टेशन को जोड़ेगा, जिसकी लंबाई लगभग 60 किमी होगी।
पश्चिम मध्य रेलवे के निर्माण विभाग ने इस बायपास रेलवे ट्रैक को बनाने के लिए सर्वे का काम शुरू कर दिया है। इसके लिए जमीन, रेलवे स्टेशन, लागत और सुविधाओं की समीक्षा की जा रही है। खास बात यह है कि जबलपुर रेल मंडल ही नहीं बल्कि मध्यप्रदेश का यह पहला ऐसा बायपास रेलवे ट्रैक होगा, जो सीधे तौर विश्वस्तरीय स्टेशन की सुविधा, सुरक्षा और सुंदरता को प्रभावित किए बिना मालगाडि़यों के आवागमन को बढ़ाएगा। इसे लगभग तीन साल के भीतर तैयार करना होगा।
रेलवे ने विश्वस्तरीय स्टेशन की श्रेणी में जबलपुर को चुना है। इसके लिए रेलवे लगभग साढ़े तीन सौ करोड़ खर्च कर इसे विश्वस्तरीय बनाएगा। यह भोपाल रेल मंडल के रानीकमलापति रेलवे स्टेशन से भी भव्य होगा। इतना ही नहीं इस पर खर्च होने वाली राशि का वहन रेलवे खुद करेगा, न की इसे पब्लिक प्राइवेट पार्टनशिप के तहत बनाया जाएगा। इसका काम 2024 से शुरू होना है।
विश्वस्तरीय स्टेशन बनने के बाद यहां से लगभग देश के सभी राज्यों के लिए यात्री ट्रेनों का संचालन किया जाना है। ऐसे में ट्रेनों का दबाव बढ़ेगा। इस बीच मालगाडि़यों को इस रेलवे स्टेशन से न निकालकर बायपास ट्रैक से निकालने की योजना है, ताकि ट्रेनों के दबाव को कम किया जा सके। वर्तमान में मुख्य रेलवे स्टेशन से लगभग 70 यात्री ट्रेन और 50 मालगाडि़यां निकलती हैं। जो गाडरवारा एनटीपीसी, बालाघाट की ओर जाती हैं।
मध्य प्रदेश में जबलपुर रेल मंडल के अलावा भोपाल, बिलासपुर, रतलाम, नागपुर, झांसी और प्रयागराज रेल मंडल आता है। इनमें अभी तक किसी रेलवे स्टेशन पर मालगाडि़यों के आवागमन के लिए अलग से बायपास नहीं बनाया गया है। कटनी और इटारसी में मालगाडि़यों के लिए बायपास बनाया है, लेकिन इसकी लंबाई कम है।
रेलवे का निर्माण विभाग जबलपुर रेल मंडल के पहले सबसे बड़े बायपास को बनाने का काम करेगा। इसके लिए सर्वे किया जा रहा है। इसमें यह देखा जा रहा है कि बायपास कहां से कितना लंबा निकाला जाए। कहां पर जमीन मिलेगी या नहीं। हालांकि प्रारंभिक चरण में बायपास को कटनी-जबलपुर राष्ट्रीय राजमार्ग से क्रास कराया जाएगा, इसके लिए भी सबसे बड़ा ब्रिज भी बनेगा। इस पर भी मंथन किया जा रहा है।