
Jabalpur News : जबलपुर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। मेडिकल यूनिवर्सिटी की अनदेखी से हलकान मेडिकल छात्रों ने अपने आंदोलन की कड़ी में विरोध प्रदर्शन का नया तरीका आजमाया। इसके तहत आक्रोशित छात्र भैंस लेकर यूनिवर्सिटी परिसर पहुंच गए। वे बीन बजाते रहे और भैंस खड़ी पगुराती रही। इस तरह मेडिकल छात्रों ने यूनिवर्सिटी प्रशासन के रवैये पर अपने तरीके से तंज कसा।
मप्र छात्र संघ अध्यक्ष अभिषेक पांडे ने बताया कि मेडिकल छात्रों का भविष्य बचाने, अनियमितताएं उजागर करने और सरकार को जगाने की मंशा से यह तरीका अपनाने विवश होना पड़ा। इस दौरान नर्सिंग व पैरामेडिकल कोर्स के सत्र 23-24 को शून्य घोषित किए जाने का निर्णय को छात्र विरोधी निरूपित किया गया। मप्र के निजी विश्वविद्यालय को लाभ पहुंचाने की दृष्टि से लिया ऐसा किए जाने का आरोप लगाया गया।
अभिषेक ने कहा कि अधिकारी अपनी नाकामी छिपाकर प्रदेश के छात्रों को अन्य प्रदेश और निजी विश्वविद्यालय में पलायन की ओर मजबूर कर रहे हैं। मेडिकल विश्वविद्यालय से संबद्धता प्राप्त प्रतिष्ठित शासकीय कालेजों के हजारों छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ बदस्तूर जारी है। सत्र 20-21 नर्सिंग व 21-22 पैरामेडिकल की परीक्षाएं कई साल बीत जाने के बाद भी अभी तक नहीं कराई गईं।
पुष्पराज बघेल प्रतिनियुक्ति घोटाला, हस्ताक्षर घोटाला, कुलसचिव एक हस्ताक्षर तीन, डीन फैकल्टी घोटाला काले धब्बों की तरह हैं। वरिष्ठ अधिकारियों के अधिकारों का हनन हो रहा है। प्रदेश के राज्यपाल को गुमराह किया जा रहा है। एफडी घोटाले की जाँच में वित्त विभाग के वरिष्ठ अधिकारी को न रख कर लीपापोती की जा रही है। परीक्षा परिणाम घोटाला चिंताजनक है। परीक्षा परिणाम में लेट लतीफी साथ ही पास को अनुत्तीर्ण व अनुपस्थित को पास किया जा रहा है।
परीक्षा नियंत्रक का छात्रों से अभद्र व्यवहार भी छिपा नहीं है। मंगलवार को प्रदर्शन के वक्त छात्र संघ अध्यक्ष अभिषेक पांडे, अमन तिवारी, सृजन तिवारी, आकाश खरे, साहिल पचौरी, आदित्य पांडे, हर्ष तिवारी, साकेत अवस्थी, नमन विश्वकर्मा, ऋषि पटेल, नीरज शर्मा, आदर्श द्विवेदी अतुल मिश्रा, स्वरूप सिंह, सचिन केवट, आनंद रायकवार, अमन पटेल, मोंटी जयसवाल, कार्तिक मिश्रा सहित अन्य ने भैंस के आगे बीन बजाई।