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यूनियन कार्बाइड के जहरीले कचरे के इंसीनरेशन की राख पर सात दिन में रिपोर्ट पेश करें

न्यायमूर्ति विवेक अग्रवाल व न्यायमूर्ति अवनींद्र कुमार सिंह की युगलपीठ ने संबंधित पक्षकारों को भी जांच रिपोर्ट स्पीड पोस्ट के माध्यम से 10 दिनों के भी...और पढ़ें

By Surendra DubeyEdited By: Dheeraj kumar Bajpai
Publish Date: Thu, 03 Sep 2026 09:34:34 PM (IST)Updated Date: Thu, 03 Sep 2026 09:34:34 PM (IST)
यूनियन कार्बाइड के जहरीले कचरे के इंसीनरेशन की राख पर सात दिन में रिपोर्ट पेश करें
हाई कोर्ट इस मामले की सुनवाई संज्ञान याचिका के रूप में कर रहा है।

HighLights

  1. हाई कोर्ट ने प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को दिए निर्देश
  2. अगली सुनवाई 15 अक्टूबर को निर्धारित की गई
  3. केवल मौखिक बयान पर रिपोर्ट के संबंध में भरोसा नहीं

नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। हाई कोर्ट ने भोपाल स्थित यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री के जहरीले कचरे के विनिष्टीकरण के बाद बची राख की जांच रिपोर्ट सात दिनों के भीतर पेश करने के निर्देश मध्य प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को दिए हैं। युगलपीठ ने कहा कि केवल मौखिक बयान के आधार पर रिपोर्ट के संबंध में भरोसा नहीं किया जा सकता। जांच रिपोर्ट न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत की जाए, ताकि उसका परीक्षण किया जा सके।

यूनियन कार्बाइड के जहरीले कचरे के विनिष्टीकरण की मांग

मामले की अगली सुनवाई 15 अक्टूबर को निर्धारित की गई है। उल्लेखनीय है कि यूनियन कार्बाइड के जहरीले कचरे के विनिष्टीकरण की मांग को लेकर भोपाल निवासी आलोक प्रताप सिंह ने वर्ष 2004 में याचिका दायर की थी। याचिकाकर्ता की मृत्यु के बाद हाई कोर्ट इस मामले की सुनवाई संज्ञान याचिका के रूप में कर रहा है।


विनिष्टीकरण धार जिले के पीथमपुर में किया गया था

न्यायालय के निर्देशों के बाद जहरीले कचरे का विनिष्टीकरण धार जिले के पीथमपुर में किया गया था। सुनवाई के दौरान हस्तक्षेपकर्ताओं ने आरोप लगाया कि यूनियन कार्बाइड परिसर से जहरीला कचरा हटाए जाने के बावजूद आसपास के कई वार्डों में लोगों को अब भी दूषित पानी मिल रहा है।

राख में पारा सहित अन्य प्रदूषक तत्व पाए गए हैं

इस पर हाई कोर्ट ने स्वतंत्र विशेषज्ञ समिति के माध्यम से पानी के नमूने लेकर जांच कराने के निर्देश दिए थे। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने जांच रिपोर्ट पेश की, जिस पर संबंधित पक्षों ने अध्ययन के लिए समय मांगा। सुनवाई में यह मुद्दा भी उठा कि जहरीले कचरे के इंसीनरेशन के बाद बची राख में पारा सहित अन्य प्रदूषक तत्व पाए गए हैं।

रिपोर्ट सात दिनों में पेश करने के निर्देश दिए गए

सरकार की ओर से कहा गया कि बोर्ड की रिपोर्ट के अनुसार सभी पैरामीटर निर्धारित सीमा के भीतर हैं। युगलपीठ ने स्पष्ट किया कि प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिवक्ता के मौखिक कथन पर भरोसा नहीं किया जा सकता। इसलिए राख से संबंधित विस्तृत रिपोर्ट सात दिनों में पेश करने के निर्देश दिए गए हैं।

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