• Jagran.com
  • Jagran Josh
  • Her Zindagi
  • Onlymyhealth
  • Jagran TV
  • Vishvas News
  • Inextlive
मेरी खबरें
  • होम
  • ताजा खबरें
  • मध्यप्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • धर्म
  • मनोरंजन
  • राशिफल
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
    • बिज़नेस
    • बड़ी खबरें
    • खेल
    • विदेश
    • करियर
    • टॉपिक्स
    • टेक्नोलॉजी
    • शिक्षा
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • राशिफल
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • फटाफट
  • राशिफल
  • वेब स्टोरीज
नईदुनिया ट्रेंडिंग
  • बढ़ता यूपी
  • समृद्ध उत्तराखंड
  • शारदीय नवरात्रि
  • होम
  • मध्यप्रदेश
  • जबलपुर

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 24, 2018 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

अजब फरमान-शपथ लो कि किसी भी समस्या पर नेतागिरी नहीं करोगे

समस्याओं को लेकर कोई नेतागिरी नहीं करोगे। न कि किसी दलगत राजनीति में हिस्सा ले सकते हो। ऐसा कुछ किया तो दंड के भागीदार बनोगे।

By Edited By:
Publish Date: Tue, 24 Jul 2018 08:05:44 AM (IST)Updated Date: Tue, 24 Jul 2018 06:06:06 PM (IST)
अजब फरमान-शपथ लो कि किसी भी समस्या पर नेतागिरी नहीं करोगे

जबलपुर, नईदुनिया प्रतिनिधि । समस्याओं को लेकर कोई नेतागिरी नहीं करोगे। न कि किसी दलगत राजनीति में हिस्सा ले सकते हो। ऐसा कुछ किया तो दंड के भागीदार बनोगे। ऐसी शपथ फाइन आर्ट कॉलेज के छात्रों से दिलवाई जा रही है। वो भी लिखा-पढ़ी में। इतना ही नहीं विद्यार्थियों के किसी भी तरह के आंदोलन और आवाज उठाने पर भी रोक लगाई गई है। हालांकि जब प्राचार्य से ऐसे शपथ पत्र को लेकर बात की गई तो वो इससे अनजान थीं।

पुराने आंदोलन से खफा -

ललित कला संस्थान में पहले समस्याओं को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया था। संस्थान से लेकर सड़क तक आंदोलन चलाया गया। छात्र टायलेट, पानी और भवन जैसी मूलभूत सुविधाओं की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे। आरोप था कि प्राचार्य को लंबे समय तक शिकायत करने के बाद जब सुनवाई नहीं हुई तो मजबूरी में सड़क पर प्रदर्शन करना पड़ा। कलेक्टर से लेकर संस्कृति विभाग तक जांच के घोड़े दौड़े। नतीजा कुछ खास नहीं निकला। समस्याएं अब भी बरकरार हैं। विद्यार्थियों ने संस्थान को अलग जगह शिफ्ट करने की मांग भी उठी थी।


शर्तें इस तरह -

विद्यार्थी फिर से संस्थान के खिलाफ आवाज बुलंद न कर सकें इसके लिए शपथ पत्र भरवाया जा रहा है। प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों को एक फार्म दिया गया है जिसमें कई बिंदुओं में नियम-शर्तें दर्ज हैं। इसमें बिंदु 6 से 8 को लेकर विद्यार्थियों ने आपत्ति ली। इसमें समस्या होने वाले सिर्फ शिक्षकों और प्राचार्य से शांतिपूर्ण ढंग से बात करने को कहा गया। आंदोलन और हिंसा जैसे कृत्य पर पाबंदी रहेगी। दलगत राजनीति में हिस्सा लेने पर भी रोक लगाई है। सिर्फ यहीं नहीं कोई भी विद्यार्थी मीडिया या आवाज उठाने वाले दलों के कार्यकर्ता से भी अपनी बात नहीं कह सकते हैं। विद्यार्थियों के अलावा उनके अभिभावकों की भी मंजूरी मांगी जा रही है।

वर्जन -

शपथ पत्र को लेकर मुझे कुछ नहीं पता है। वैसे भी बच्चों को अनुशासन में रहना चाहिए। इस संबंध में कुछ भी नहीं कह सकती।

सीमा डेकाटे, प्राचार्य, ललितकला फाइन आर्ट कॉलेज