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विधायक के यहां बाबू बने शिक्षक, बच्चों की पढ़ाई का क्या होगा : हाई कोर्ट

विधायक रीति पाठक के यहां लिपिकीय कार्य में लगाए गए माध्यमिक शिक्षक हीरालाल यादव की पदस्थापना को हाई कोर्ट में चुनौती दी गई है।

By Surendra DubeyEdited By: manoj dubey
Publish Date: Fri, 31 Jul 2026 05:02:21 PM (IST)Updated Date: Fri, 31 Jul 2026 05:05:27 PM (IST)
विधायक के यहां बाबू बने शिक्षक, बच्चों की पढ़ाई का क्या होगा : हाई कोर्ट

HighLights

  1. विधायक रीति पाठक के यहां लिपिकीय कार्य में लगाया गया है शिक्षक को
  2. शिक्षक हीरालाल यादव की पदस्थापना को हाई कोर्ट में चुनौती दी गई है
  3. याचिका में कहा गया, कलेक्टर के आदेश से विधायक के यहां भेजा गया

नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। सरकारी स्कूल के शिक्षक की ड्यूटी बच्चों को पढ़ाने की है या विधायक कार्यालय में फाइलें संभालने की। सीधी जिले से सामने आए इस मामले ने सरकारी शिक्षकों की प्रतिनियुक्ति और उनके मूल दायित्व को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।

विधायक रीति पाठक के यहां लिपिकीय कार्य में लगाए गए माध्यमिक शिक्षक हीरालाल यादव की पदस्थापना को हाई कोर्ट में चुनौती दी गई है।

विधायक के यहां बाबू का काम कराया जा रहा

गोपद बनास तहसील की ग्राम पंचायत चौफल कोठार की सरपंच शोभा यादव ने जनहित याचिका दायर कर आरोप लगाया है कि शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल में पदस्थ शिक्षक को अध्यापन से हटाकर विधायक के यहां बाबू का काम कराया जा रहा है।


कलेक्टर के आदेश से विधायक के यहां भेजा गया

इससे स्कूल में विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। याचिका में कहा गया कि शिक्षक को पहले कलेक्टर के आदेश से विधायक के यहां भेजा गया। बाद में हटाए जाने के बावजूद अपर कलेक्टर के आदेश से फिर वहीं पदस्थ कर दिया गया।

नोटिस जारी कर चार सप्ताह में जवाब मांगा

शिक्षा विभाग द्वारा स्कूल लौटने के निर्देश के बाद भी उनके वापस नहीं आने का दावा किया गया है। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश विवेक रूसिया व न्यायमूर्ति प्रदीप मित्तल की युगलपीठ ने राज्य सरकार सहित संबंधित पक्षों को नोटिस जारी कर चार सप्ताह में जवाब मांगा है।

याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता संतोष कुमार सिंह ने पक्ष रखा। कोर्ट के जवाब के बाद स्पष्ट होगा कि शिक्षक को विधायक कार्यालय में लिपिकीय कार्य के लिए भेजने का प्रशासनिक और कानूनी आधार क्या है।

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