जबलपुर, नईदुनिया प्रतिनिधि। मछली पालन विभाग द्वारा परियट पनागर स्थित एक दुकान से प्रतिबंधित प्रजाति की थाइलैंड मांगुर मछली जब्त की गई है। जब्त की गई मछली की मात्रा 37 किलोग्राम है। विभाग द्वारा जब्त की गई मछली को समीप में ही गड्ढा खोदकर विनिष्टीकरण किया गया। सहायक संचालक मत्स्योद्योग सीआर कबीर के अनुसार नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल द्वारा देशभर में कलेरियस गैरिपिनस (थाईलैंड मांगुर) प्रजाति की मछली के पालन और विक्रय को पूर्णत: प्रतिबंधित किया गया है। एनजीटी द्वारा लगाए गए प्रतिबंध से समय-समय पर स्थानीय मत्स्य पालकों एवं विक्रेताओं को सूचित भी किया गया है। सहायक संचालक मत्स्योद्योग ने बताया कि विभाग को राकेश कश्यप पिता श्यामलाल 35 वर्ष निवासी फूटाताल जबलपुर की जगदम्बा धर्मकांटा परियट पनागर स्थित किराये की दुकान में प्रतिबंधित प्रजाति थाईलैंड मांगुर मछली बेचे जाने की सूचना मिली थी। विभाग के अमले द्वारा तत्काल कार्यवाही कर दुकान से 37 किलोग्राम मछली जब्त कर विनिष्‍टीकरण कराया गया।

सदस्यों को मिली आर्थिक सहायता : मछली पालन विभाग द्वारा चलाई जारी बचत सह राहत योजना के तहत जबलपुर जिले की 13 पंजीकृत मछुआ सहकारी समितियों के 261 सदस्यों को सात लाख 83 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी गई है। सहायक संचालक मत्स्योद्योग सीआर कबीर ने बताया कि मछुआ सहकारी समितियों के लाभांवित सदस्यों में 209 वंशानुगत मछुआ जाति के और 52 सदस्य अनुसूचित जनजाति वर्ग के है। उन्होंने बताया कि बचत सह राहत योजना के तहत पंजीकृत मछुआ सहकारी समितियों के सदस्यों द्वारा सितंबर से मई तक नौ माह के दौरान 170 रुपये प्रतिमाह प्रति सदस्य के मान से 1500 रुपये जमा करने सदस्यों को बंद ऋतु के दौरान तीन हजार प्रति सदस्य सहायता राशि प्रदान की जानी है।

Posted By: Brajesh Shukla

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