
नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। जिला उपभोक्ता विवाद आयोग के अध्यक्ष पंकज यादव व सदस्य अमित सिंह तिवारी की युगलपीठ ने मैहर निवासी अरविंद त्रिपाठी का परिवाद स्वीकार किया।
ओरिएंटल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड को दुर्घटनाग्रस्त वाहन के बीमा दावे का भुगतान करने का आदेश दिया है। आयोग ने बीमा दावा निरस्त किए जाने को सेवा में कमी माना है।
परिवादी की ओर से अधिवक्ता अरुण जैन ने पैरवी की। आयोग ने बीमा कंपनी को 30 दिन के भीतर 6.98 लाख रुपये (निर्धारित कटौतियों के बाद) अदा करने का निर्देश दिया है।
निर्धारित अवधि में भुगतान नहीं होने पर 30 जून, 2023 से 7 प्रतिशत वार्षिक ब्याज भी देना होगा। इसके अलावा मानसिक प्रताड़ना के लिए 15 हजार रुपये तथा वाद व्यय की राशि भी अदा करने के आदेश दिए गए हैं।
आयोग ने अपने आदेश में उच्चतम न्यायालय के न्यायादृष्टांत के निर्णय का हवाला देते हुए कहा कि केवल वाहन के स्वामित्व हस्तांतरण जैसे आधार पर बीमा दावा अस्वीकार करना उचित नहीं है। इस आधार पर परिवादी को उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम के तहत राहत प्रदान की गई।
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद आयोग ने सुप्रीम कोर्ट के न्यायादृष्टांत का हवाला देते हुए माना कि केवल स्वामित्व हस्तांतरण के आधार पर बीमा दावा निरस्त करना उचित नहीं था। आयोग ने बीमा कंपनी को दावा राशि, मानसिक प्रताड़ना के लिए मुआवजा तथा वाद व्यय का भुगतान करने का आदेश दिया।
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