
Jabalpur To Ayodhya : तरुण मिश्रा, नई दुनिया, जबलपुर। रीवा में तैयार हो रहे राम मंदिर में लगने वाले ध्वजों पर अंकित कोविदार का वृक्ष अयोध्या साम्राज्य की शक्ति और संप्रभुता का प्रतीक था। श्रीराम मंदिर में लगने वाले ध्वज की डिजाइन, जिसमें जयश्री राम, सूर्य व कोविदार वृक्ष अंकित किया गया है।
सनातन की सामूहिक स्मृति से विलुप्त हो चुके कोविदार वृक्ष को उत्तर प्रदेश संस्कृति विभाग के अयोध्या शोध संस्थान के निदेशक डा लवकुश द्विवेदी के निर्देश पर कई कार्य हुए। इसी कड़ी में ललित मिश्रा ने देशभर में वाल्मिकी रामायण पर बने चित्रों का अध्ययन किया और वाल्मिकी रामायण के श्लोकों और कथानक से उनका मिलान किया। वह बताते हैं कि जिस तरह भारत के राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा में 24 सलाकाओं से युक्त चक्र है, उसी तरह त्रेता युग में अयोध्या साम्राज्य की शक्ति और संप्रभुता का प्रतीक उसका ध्वज था जिस पर कोविदार का सुंदर वृक्ष अंकित था।
ललित मिश्रा ने बताया कि मेवाड़ के महराणा प्रताप के वंशज राणा जगत सिंह ने संपूर्ण वाल्मिकी रामायण पर चित्र बनाए हैं। इन चित्रों में एक में भरत द्वारा सेना सहित चित्रकूट आकर भगवान राम को सविनय अयोध्या ले जाने के आग्रह का प्रसंग है। भारद्वाज आश्रम में विश्राम कर रहे भगवान राम को कोलाहल देने पर वह लक्ष्मण से बाहर जाकर देखने के लिए कहते हैं। एक वृक्ष पर खड़े होकर लक्ष्मण देखते हैं कि उत्तर दिशा से एक सेना आ रही है जिसके रथ पर एक लगे ध्वज पर कोविदार का वृक्ष अंकित है। लक्ष्मण समझ जाते हैं कि यह अयोध्या की सेना है।
वाल्मिकी रामायण के अयोध्याकांड के 84वें सर्ग में उल्लेख है कि निषादराज गुह ने सबसे पहले कोविदार के वृक्ष से अयोध्या की सेना को पहचाना। 96वें सर्ग के 18वें श्लोक में लक्ष्मण को सेना के रथ में लगे ध्वज का कोविदार का वृक्ष दिखाई देता है। श्लोक क्रमांक 21 में लक्ष्मण श्रीराम से कहते हैं कि भरत को आने दीजिए उन्हें युद्ध में पराजित कर हम कोविदार के वृक्ष वाले ध्वज को अधीन कर लेंगे। कालिदास ने ऋतुसंहार (36.3) में भी कोविदार की प्रशंसा की है।
वनस्पति शास्त्र में उल्लेखित कचनार को ही कोविदार बताया गया है जो गलत है। ललित मिश्रा बताते हैं कि सरकार को प्रस्ताव भेजा गया है कि इस गलत तथ्य को सुधारा जाए। बीएचयू के प्रोफेसर डा ज्ञानेश्वर चौबे ने अपने शोध में इन दोनों वृक्षों पृथक बताया है। भावप्रकाश निघंटू में कचनार और कोविदार को अलग-अलग बताया गया है।