• Jagran.com
  • Jagran Josh
  • Her Zindagi
  • Onlymyhealth
  • Jagran TV
  • Vishvas News
  • Inextlive
मेरी खबरें
  • होम
  • ताजा खबरें
  • मध्यप्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • धर्म
  • मनोरंजन
  • राशिफल
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
    • बिज़नेस
    • बड़ी खबरें
    • खेल
    • विदेश
    • करियर
    • टॉपिक्स
    • टेक्नोलॉजी
    • शिक्षा
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • राशिफल
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • फटाफट
  • राशिफल
  • वेब स्टोरीज
नईदुनिया ट्रेंडिंग
  • बढ़ता यूपी
  • समृद्ध उत्तराखंड
  • Mutual Funds मास्टरी
  • होम
  • मध्य प्रदेश
  • जबलपुर

जबलपुर में ट्रैफिक सुधारने करोड़ों रुपये से बने फ्लाईओवर, इनके नीचे बनी सड़कों पर लग रहा जाम

Flyovers in Jabalpur: फ्लाईओवर और चौराहे के नीचे चाय-पान व फल के ठेले लगते हैं। बाहर से आने वाली बसें पुल के पास यात्रियों को उतारती-बिठाती हैं।

By Pankaj TiwariEdited By: Prashant Pandey
Publish Date: Tue, 13 Oct 2026 07:59:47 AM (IST)Updated Date: Tue, 13 Oct 2026 08:03:19 AM (IST)
जबलपुर में ट्रैफिक सुधारने करोड़ों रुपये से बने फ्लाईओवर, इनके नीचे बनी सड़कों पर लग रहा जाम

HighLights

  1. फ्लाईओवरों के नीचे हादसों का रास्ता खुला
  2. अंधमूक बायपास पर यातायात बेलगाम
  3. अतिक्रमण रोकने की चुनौती भी बनी हुई है

पंकज तिवारी, नईदुनिया जबलपुर। जबलपुर शहर में यातायात को सुगम बनाने के लिए करोड़ों रुपये की लागत से फ्लाईओवर बनाए गए, लेकिन इनके नीचे और आसपास की सड़कों पर यातायात व्यवस्था अब भी चुनौती बनी हुई है। कहीं सर्विस रोड पर भारी वाहन मरम्मत के नाम पर कब्जा जमाए हैं, कहीं बसें मनमाने ढंग से यात्रियों को उतारती-बिठाती हैं, तो कहीं रांग साइड से फर्राटा भरते वाहन मौत को न्योता दे रहे हैं।

यातायात पुलिस की रिपोर्ट के मुताबिक, यहां 2023 से 2025 के बीच आठ लोगों की मौत हुई और 21 गंभीर दुर्घटनाएं दर्ज की गईं। जनवरी से अगस्त 2026 तक भी दो लोगों की जान गई और चार गंभीर हादसे हुए। यानि चेतावनी बोर्ड, स्पीड ब्रेकर और कार्रवाई के बावजूद खतरा टला नहीं है।


पुल के आसपास अतिक्रमण, अव्यवस्थित बस संचालन, भारी वाहनों की पार्किंग और रांग साइड आवाजाही पर प्रभावी नियंत्रण अब भी चुनौती है। रिपोर्ट में पाटन और कटंगी बायपास पर भी रोटरी, साइड रोड, रोशनी और अतिक्रमण नियंत्रण जैसे इंतजाम जरूरी बताए गए हैं।

हादसों का हिसाब, इंतजाम अधूरे

यातायात पुलिस की रिपोर्ट में अंधमूक बायपास पर चार प्रमुख समस्याएं चिह्नित की गई हैं। फ्लाईओवर और चौराहे के नीचे चाय-पान व फल के ठेले लगते हैं। बाहर से आने वाली बसें पुल के पास यात्रियों को उतारती-बिठाती हैं। सर्विस रोड पर भारी वाहन मरम्मत के लिए खड़े रहते हैं और दोनों ओर रांग साइड आवाजाही होती है। नो-एंट्री के दौरान मालवाहक वाहनों की पार्किंग के लिए पर्याप्त जगह नहीं होना भी परेशानी बढ़ाता है।

पुलिस ने स्पीड ब्रेकर बनवाए हैं, चेतावनी बोर्ड लगाए हैं और अनावश्यक रूप से खड़े वाहनों को हटाने की कार्रवाई की है। रोटरी का निर्माण भी कराया जा रहा है। इसके बावजूद अतिक्रमण हटाने, फ्लाईओवर से 500 मीटर तक आटो पार्ट्स की दुकानों और सर्विसिंग सेंटरों को हटाने, बसों के लिए निर्धारित पिकअप-ड्राप प्वाइंट बनाने, ट्रैफिक सिग्नल लगाने, यातायात चौकी स्थापित करने और पार्किंग विकसित करने जैसे काम प्रस्तावित हैं।

पुल बना, लेकिन सुरक्षित रास्ता नहीं

यातायात पुलिस अधिकारियों के अनुसार, फ्लाईओवर निर्माण का उद्देश्य जाम घटाना और सफर सुरक्षित बनाना है, न कि खतरे को सड़क के नीचे धकेल देना। जब तक रांग साइड पर रोक, भारी वाहनों के लिए निर्धारित पार्किंग, बसों के लिए तय स्टाप, सुरक्षित टर्निंग, पर्याप्त रोशनी और अतिक्रमण पर स्थायी कार्रवाई सुनिश्चित नहीं होगी, तब तक हादसों का खतरा बना रहेगा। इस मार्ग पर हमेशा हादसों का खतरा बना रहता है।

पाटन-कटंगी में भी वही कहानी

पाटन और कटंगी बायपास पर भी रोटरी, साइड रोड और प्रकाश व्यवस्था सुधारने की जरूरत सामने आई है। अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई होती है, लेकिन आरोप है कि ठेले और अस्थायी दुकानें फिर लौट आती हैं। कार्रवाई के दौरान रास्ते साफ दिखते हैं, लेकिन अमला हटते ही पुरानी स्थिति बहाल हो जाती है। खजरी बायपास पर निर्माण कार्य के बीच यातायात को सुरक्षित रखने और अतिक्रमण रोकने की चुनौती भी बनी हुई है।

दुर्घटनाओं और अव्यवस्था को ऐसे समझें....

  • अंधमूक बायपास : 2023-2025 में आठ मौतें और 211 गंभीर दुर्घटनाएं।
  • 2026 में भी खतरा : जनवरी से अगस्त तक दो मौतें और चार गंभीर हादसे।
  • रांग साइड का जोखिम : फ्लाईओवर के दोनों ओर नियम तोड़कर निकलते वाहन।
  • सर्विस रोड पर कब्जा : भारी वाहनों की पार्किंग और मरम्मत से रास्ता बाधित।
  • बसों की मनमानी : पुल के पास ही यात्रियों को उतारने-बिठाने का सिलसिला।
  • कार्रवाई बेअसर : अतिक्रमण हटाने के बाद फिर सज जाती हैं दुकानें जिससे यातायात बाधित होता है।