
नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। अधारताल थाना क्षेत्र में साइबर ठगी के दो अलग-अलग मामले दर्ज किए गए, जिनमें एक व्यक्ति से सस्ते ड्रायफ्रूट का लालच दिया।
दूसरे से पार्ट-टाइम जाॅब के नाम पर कुल दो लाख 67 हजार 252 रुपये की धोखाधड़ी कर ली गई। पुलिस ने दोनों मामलों में अज्ञात आरोपितों के खिलाफ एफआइआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
महाराजपुर के पटेल नगर निवासी निरंजन प्रसाद विश्वकर्मा (67) व्हीकल फैक्ट्री से सेवानिवृत्त हैं। उन्होंने पांच जुलाई को सोशल मीडिया पर श्रीराम ड्रायफ्रूट नाम से कम कीमत में ड्रायफ्रूट बेचने का विज्ञापन देखा।
विज्ञापन से प्रभावित होकर उन्होंने मोबाइल फोन के माध्यम से ड्रायफ्रूट आर्डर किया। यूपीआई के जरिए एक हजार 150 रुपये का आनलाइन भुगतान किया। इसके बाद उन्हें काॅल कर बताया गया कि जीएसटी संबंधी समस्या के कारण राशि वापस की जाएगी।
काल करने वाले के निर्देशों का पालन करते हुए उन्होंने अपने मोबाइल पर प्रक्रिया पूरी की, लेकिन राशि वापस आने के बजाय उनके बैंक ऑफ इंडिया खाते से 97 हजार 454 रुपये निकाल लिए गए।
वहीं दूसरा मामला महाकौशल नगर निवासी विकास कुमार सिंह (34) के साथ हुई साइबर धोखाधड़ी का है। आठ जुलाई को विकास के मोबाइल पर इंटरनेट आया, जिसमें पार्ट-टाइम जाब कर अच्छी कमाई का लालच दिया गया।
आरोपितों ने उन्हें सोशल मीडिया ग्रुप से जोड़कर अलग-अलग टास्क पूरे करने पर राशि भुगतान का लालच दिया। इसके बाद यूपीआई और बैंक खातों के माध्यम से कई किश्तों में कुल एक लाख 69 हजार 798 रुपये जमा करा लिए।
बाद में जब न तो कोई लाभ मिला और न ही रकम वापस हुई, तब उन्हें अपने साथ हुई ठगी का एहसास हुआ। दोनों मामलों में अधारताल पुलिस ने अज्ञात आरोपितों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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