
नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। माढ़ोताल-पाटन बायपास रोड पर स्थित ग्रीन वैली पब्लिक स्कूल के छात्रावास से दो छात्र बुधवार की रात को लापता हो गए। उनके अचानक गायब होने पर हड़कंप मच गया। काफी देर तक छानबीन के बाद आधी रात को दोनों छात्र अपनी कक्षा की अलमारी के अंदर छिपे मिले। उनके सकुशल मिलने पर स्कूल प्रबंधन और पुलिस ने राहत की सांस ली।
छात्रों ने पूछताछ में बताया कि छात्रावास प्रबंधन उनकी घर पर मां से बात नहीं करा रहा था। उनके साथ अच्छा व्यवहार नहीं किया जा रहा था। इससे वे आहत थे। स्कूल से भागना चाहते थे लेकिन फिर कक्षा की अलमारी में छिप गए।
घटना की जानकारी पर दोनों छात्र के स्वजन स्कूल पहुंचे। स्कूल प्रबंधन पर मनमानी और छात्रों की देखरेख में लापरवाही का आरोप लगाया। मौके पर हंगामे की स्थिति निर्मित हुई। पुलिस मामले की जांच कर रही है। छात्र-छात्राओं की सुरक्षा व्यवस्था और अभिभावकों के आरोपों को लेकर छानबीन की जा रही है। ग्रीन वैली पब्लिक स्कूल के छात्रावास में रहकर नरसिंहपुर जिले के गोटेगांव में रहने वाले छात्र पढ़ाई करते हैं। वे अवकाश के दिन फोन पर घर में बातचीत करते थे। दो सप्ताह से स्कूल प्रबंधन ने उनकी फोन पर बात नहीं कराई।
स्वजन से बातचीत नहीं होने से दोनों छात्र विचलित थे। छात्रावास में उनके साथ अच्छा व्यवहार नहीं होने से दोनों छात्रों ने वहां से भागने का सोचा। बुधवार को स्कूल के अवकाश के बाद उनकी घर भागने की योजना थी। लेकिन फिर शाम को लगभग सात बजे दोनों कक्षा में पहुंचे और वहां रखी अलमारी में छिपकर बैठ गए। रात को छात्रावास प्रबंधन को दोनों छात्र नहीं दिखे। आसपास कमरे और परिसर में तलाश करने पर वे नहीं मिले। तब पुलिस को घटना की जानकारी दी गई। स्कूल प्रबंधन ने थाना में दोनों छात्र के बहला-फुसलाकर अपहरण की शिकायत दर्ज कराई।
घटना की जांच के दौरान पुलिस ने स्कूल द्वार के सीसीटीवी कैमरे की फुटेज देखी। इसमें छात्र स्कूल के बाहर जाते नहीं दिखे। इस पर पुलिस ने स्कूल से लेकर छात्रावास का एक-एक कमरा खंगाला। लगभग तीन से साढ़े तीन घंटे की छानबीन के बाद दोनों छात्र एक कक्षा की अलमारी में मिले। कई बार फोन करने पर होती थी बात- अभिभावकों का आरोप है कि छात्रावास में रहने वाले छात्रों के स्वजन से प्रति रविवार फोन पर बात कराने का नियम है। इसके बावजूद कई बार फोन करने पर भी छात्रों से बातचीत नहीं हो पाती है।
बच्चों के बारे में जानकारी लेने के लिए छात्रावास में फोन से संपर्क करने पर बड़ी मुश्किल से स्टाफ कभी-कभार फोन उठाता था। उस पर बच्चों के बारे में संतोषजनक जानकारी नहीं दी जाती थी। रविवार को भी बात नहीं कराई अलमारी से बाहर निकाले जाने के बाद छात्रों ने बातचीत में बताया कि उन्हें घर की याद आ रही थी।
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रविवार को भी उनकी घर पर बात नहीं कराई गई। इस कारण वे दुखी थे। स्कूल से भागना चाहते थे, लेकिन फिर उन्हें कक्षा में अलमारी दिखी और उसमें छिपने का सोचा। गनीमत यह रही कि जल्द ही ढूंढ लिए जाने से छात्रों का दम नहीं घुटा। पुलिस सुरक्षा के साथ ही छात्रों की प्रताड़ना के कोण से भी घटना की जांच कर रही है।