• Jagran.com
  • Jagran Josh
  • Her Zindagi
  • Onlymyhealth
  • Jagran TV
  • Vishvas News
  • Inextlive
  • मेरी खबरें
मेरी खबरें
  • होम
  • ताजा खबरें
  • मध्यप्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • धर्म
  • मनोरंजन
  • राशिफल
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
    • बिज़नेस
    • बड़ी खबरें
    • खेल
    • विदेश
    • करियर
    • टॉपिक्स
    • टेक्नोलॉजी
    • शिक्षा
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • राशिफल
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • फटाफट
  • राशिफल
  • वेब स्टोरीज
नईदुनिया ट्रेंडिंग
  • बढ़ता यूपी
  • AI बूटकैंप
  • समृद्ध उत्तराखंड
  • गणेशोत्‍सव 2026
  • हनुमान अंश
  • Mutual Funds मास्टरी
  • मध्‍य प्रदेश की खबरें
  • राशि परिवर्तन
  • मानसून
  • स्वच्छ जल
  • होम
  • मध्य प्रदेश
  • जबलपुर

23 सितंबर को 'No UPI Day', यूपीआई शुल्क व्यवस्था के विरोध में जबलपुर में प्रदर्शन; जनसंगठनों ने दिया ज्ञापन

यूपीआई भुगतान पर प्रस्तावित शुल्क व्यवस्था के विरोध में नागरिक उपभोक्ता मार्गदर्शक मंच सहित विभिन्न जनसंगठनों ने घंटाघर के पास प्रदर्शन किया।

By Sunil dahiyaEdited By: ADITYA KUMAR
Publish Date: Sun, 20 Sep 2026 08:48:08 PM (IST)Updated Date: Sun, 20 Sep 2026 08:48:08 PM (IST)
23 सितंबर को 'No UPI Day', यूपीआई शुल्क व्यवस्था के विरोध में जबलपुर में प्रदर्शन; जनसंगठनों ने दिया ज्ञापन
23 सितंबर को ‘No UPI Day’

नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। यूपीआई भुगतान पर प्रस्तावित शुल्क व्यवस्था के विरोध में नागरिक उपभोक्ता मार्गदर्शक मंच सहित विभिन्न जनसंगठनों ने घंटाघर के पास प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार की शुल्क व्यवस्था पर आपत्ति जताते हुए नारेबाजी की और प्रधानमंत्री के नाम जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा।

संगठनों ने घोषणा की कि 23 सितंबर को ‘नो यूपीआई डे’ मनाकर शुल्क व्यवस्था के विरोध में अभियान चलाया जाएगा। नागरिक उपभोक्ता मार्गदर्शक मंच के डॉ. पी. जी. नाजपांडे ने बताया कि दो हजार रुपये से अधिक के कुछ यूपीआई व्यापारी लेन-देन पर एमडीआर लागू होने से भुगतान व्यवस्था पर असर पड़ सकता है।


खासकर छोटे व्यापारियों और कम मार्जिन वाले कारोबार को लेकर संगठनों ने चिंता जताई। उनका कहना है कि डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने के बजाय शुल्क व्यवस्था से लोगों में नकद भुगतान की ओर लौटने की प्रवृत्ति बढ़ सकती है।

कैशलैस इकॉनमी को धक्का पहुंचेगा: जरूरी सेवाओं पर लगेगा अतिरिक्त शुल्क

नागरिक उपभोक्ता मार्गदर्शक मंच के डॉ. पी. जी. नाजपांडे ने बताया कि यह शुल्क लागू होने के बाद डिजिटल लेन-देन में कमी आएगी। भारत सरकार की कैशलैस इकॉनमी नीति को धक्का पहुंचेगा। रेलवे, टेलीकॉम, बीमा, पेट्रोल पंप पर ईंधन लेने और कृषि इनपुट जैसे जरूरी और कम मुनाफे वाले क्षेत्रों में दो हजार रुपये से ज्यादा पेमेंट पर पांच रुपये फिक्स फीस लगेगी।

पेट्रोल पर जीएसटी जोड़ने से प्रति ट्रांजेक्शन पर खर्च 5.90 रुपया होगा। इस कारण सभी को नुकसान होगा। हालांकि सरकार ने स्पष्ट किया है कि व्यक्ति-से-व्यक्ति यूपीआई भुगतान और दो हजार तक के अधिकांश व्यापारी भुगतान निःशुल्क रहेंगे। दो हजार से अधिक के कुछ व्यापारी लेन-देन पर एमडीआर की व्यवस्था लागू होगी।

वरिष्ठ नागरिक और समाजसेवियों ने दिया समर्थन

प्रदर्शन में एडवोकेट वेदप्रकाश अधौलिया, टी. के. रायघटक, सुभाष चंद्रा, सुशीला कनौजिया, गीता पांडे, डी. के. सिंह, संतोष श्रीवास्तव, यशवंत कोष्टा, पी. एस. राजपूत, के. सी. सोनी, पूर्णिमा नायडू, श्याम सोलंकी, अर्जुन कुमार, ऋषि उपाध्याय, रजनी, एडवोकेट ब्रजेश कुमार साहू और राममिलन शर्मा शामिल रहे।

इसके साथ ही भारतीय वरिष्ठ नागरिक एसोसिएशन, सीनियर सिटीजन वेलफेयर संघ, महिला समिति, भारतीय मानव अधिकार क्रांति संगठन तथा पेंशनर्स समाज के सदस्य भी मौके पर मौजूद रहे।

यह भी पढ़ें- जबलपुर के दो लाक लोगों का इंतजार होगा खत्म... रांझी में ₹45 करोड़ से बना 100 बेड का हाईटेक अस्पताल