
नईदुनिया प्रतिनिधि, बालाघाट। भरवेली थाना क्षेत्र के ग्राम रट्टा में रविवार को दो गुटों में खूनी संघर्ष हो गया। गांव से होकर बहने वाले नाले से रेत और गिट्टी के अवैध खनन के खिलाफ ग्रामीणों ने गांव के दमाहे परिवार के खिलाफ धावा बोल दिया। इसमें 15 से अधिक लोग घायल हुए हैं, जिन्हें उपचार के लिए जिला अस्पताल भेजा गया है। ग्रामीणों के आक्रोश और खूनी संघर्ष की सूचना मिलते ही पूरा गांव छावनी में बदल गया।
मौके पर एएसपी निहित उपाध्याय, सीएसपी मयंक तिवारी, भरवेली टीआई भूपेंद्र पंद्रो, कोतवाली टीआई अजय गुर्जर सहित भारी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा। देर तक माहौल तनावपूर्ण रहा। मौके पर 300 से अधिक पुलिसबल रहा। इसमें एसएएफ की फोर्स भी तैनात की गई। दरअसल, मामला गांव के दमाहे परिवार द्वारा लंबे समय से रेत और गिट्टी के अवैध खनन करने से जुड़ा है। इसके खिलाफ ग्रामीण वर्षों से विरोध दर्ज करा रहे हैं।
रविवार सुबह दमाहे परिवार ने अवैध खनन के खिलाफ आवाज उठाने की रंजिश के चलते पेंदीटोला के मुकेश मर्सकोले की बेरहमी से पिटाई कर दी। मुकेश की पिटाई की खबर सुनते ही ग्राम सरपंच रवि कुमरे सहित अन्य पहुंचे, जिनकी दमाहे परिवार ने लाठी-डंडों से पिटाई कर दी। इसके बाद माहौल बिगड़ गया।
दमाहे परिवार के खिलाफ पूरा गांव एकजुट हो गया और बड़ी संख्या में महिला, पुरुष, युवा दमाहे परिवार के घर पहुंचे और लाठी-डंडों से परिवार के सदस्यों पर हमला कर दिया। आक्रोशित ग्रामीणों ने दमाहे परिवार के घर में रखी छह मोटरसाइकिल, एक बोलेरो, ट्रैक्टर, जेसीबी मशीन, क्रशर मशीन आदि को क्षतिग्रस्त कर दिया। पुलिस ने मोर्चा संभालते हुए ग्रामीणों को शांत कराया। हालांकि, ग्रामीण दमाहे परिवार पर सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।