
नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। परामर्श के लिए डाक्टर का अपाॅइंटमेंट बुक कराने के नाम पर अधारताल क्षेत्र की एक महिला साइबर ठगी का शिकार हो गई।
जालसाज ने वाट्सएप पर एपीके (एपीके) फाइल भेजकर उनका मोबाइल हैक कर लिया और बैंक खाते से 51,699 रुपये निकाल लिए। अधारताल थाना पुलिस ने अज्ञात आरोपित के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस के अनुसार धनी की कुटिया रोड निवासी 44 वर्षीय कनक खेमचंदानी ने शिकायत दर्ज कराई कि 12 जुलाई को उन्होंने डॉक्टर की अपॉइंटमेंट के लिए एक मोबाइल नंबर पर संपर्क किया था।
कॉल रिसीव करने वाले व्यक्ति ने मरीज की जानकारी लेने के बाद अपॉइंटमेंट बुक होने की बात कही। इसके बाद उसने मरीज का विवरण देखने के बहाने वॉट्सएप पर एक एपीके फाइल भेजी।
महिला ने फाइल डाउनलोड कर जैसे ही उसे खोला, उसमें मरीज की जानकारी दिखाई देने लगी। उन्हें इस बात का आभास नहीं हुआ कि इसी दौरान उनका मोबाइल हैक हो चुका है। पारिवारिक कारणों से वह 13 जुलाई को डाॅक्टर के पास नहीं जा सकीं।
17 जुलाई की सुबह उनके मोबाइल पर बैंक खाते से राशि कटने के संदेश आए। जांच करने पर पता चला कि उनके कैनरा बैंक खाते से 50 हजार रुपये 'लकी ईएनटी यूपी ग्रामीण बैंक' और 1,699 रुपये 'सूरज कुमार' के पंजाब नेशनल बैंक खाते में ट्रांसफर कर दिए गए। इस तरह कुल 51,699 रुपये की साइबर ठगी हो गई।
बैंक पहुंचकर जानकारी लेने पर महिला को बताया गया कि वाट्सएप पर भेजी गई एपीके फाइल डाउनलोड करने के कारण उनका मोबाइल हैक हुआ और उसी के जरिए बैंक खाते से रकम निकाली गई। पुलिस ने अज्ञात साइबर ठग के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
साइबर पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान व्यक्ति द्वारा भेजी गई एपीके फाइल, लिंक या ऐप डाउनलोड न करें। डॉक्टर की अपॉइंटमेंट, बैंक केवाईसी, बिजली बिल, गैस कनेक्शन या अन्य सेवाओं के नाम पर भेजी जाने वाली ऐसी फाइलें साइबर ठगी का माध्यम हो सकती हैं।