मध्य प्रदेश के झाबुआ में 11 मोरों की मौत, कीटनाशक के सेवन की आशंका, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में यह पता चला
मेघनगर तहसील और थांदला वन रेंज के तोरणिया के जंगल के बीच स्थित किसानों के खेतों में ये मोर बुधवार शाम को पड़े पाए गए। वन विभाग और पशुपालन विभाग की टीमों ने जांच की। गुरुवार को पशुपालन विभाग के चिकित्सकों की तीन सदस्यीय टीम ने पोस्टमार्टम किया। इसमें फूड पाइजनिंग से मौतों की बात सामने आई है।
Publish Date: Thu, 10 Jul 2025 06:45:48 PM (IST)
Updated Date: Thu, 10 Jul 2025 06:51:04 PM (IST)
मोर का सांकेतिक फोटो।HighLights
- पोस्टमार्टम रिपोर्ट में फूड पाइजनिंग की बात सामने आई।
- कीटनाशक से मोरों की मौत के एंगल से जांच की जा रही है।
- इसमें जिसका भी वह खेत है उसको आरोपित बनाया जाएगा।
नईदुनिया प्रतिनिधि, झाबुआ। जिले की थांदला वन रेंज के तोरणिया में 11 मोर एक साथ मृत पाए गए। एक मोर घायल था, जिसे बचा लिया गया। खेत में छिड़के गए कीटनाशक मिश्रित अनाज के खाने से मोरों की मौत की आशंका जताई गई है। हालांकि पोस्टमार्टम में प्रारंभिक रूप से मौत का कारण फूड पाइजनिंग सामने आया है।
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मेघनगर तहसील और थांदला वन रेंज के तोरणिया के जंगल के बीच स्थित किसानों के खेतों में ये मोर बुधवार शाम को पड़े पाए गए। वन विभाग और पशुपालन विभाग की टीमों ने जांच की। गुरुवार को पशुपालन विभाग के चिकित्सकों की तीन सदस्यीय टीम ने पोस्टमार्टम किया। इसमें फूड पाइजनिंग से मौतों की बात सामने आई है। अब विसरा जांच के लिए लैब में भेजा जाएगा। उसकी रिपोर्ट के बाद मौत की वास्तविक स्थिति सामने आ सकेगी।
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उन्होंने वन विभाग और पशुपालन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि मौके पर खेतों पर में कीटनाशक भी पाया गया, संभव है कि कीटनाशक युक्त कोई अनाज खाने से मोरों की मौत हुई है। प्रभारी रेंजर तोल राम हटीला का कहना है कि कीटनाशक छिड़काव से मोरों की मौत के एंगल से जांच की जा रही है। जिसके भी खेत के कीटनाशक के कारण मोरों की मौत हुई है, उसको आरोपित बनाया जाएगा।