यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 21, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
कब्र से निकाल सकते हैं बच्चों के शव!
खसरे से हुई मौत के बाद दोनों बच्चों के शव कब्र से निकाले जा सकते हैं।
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Publish Date: Wed, 21 May 2014 12:48:59 PM (IST)Updated Date: Wed, 21 May 2014 12:49:58 PM (IST)

झाबुआ(ब्यूरो)। खसरे से हुई मौत के बाद दोनों बच्चों के शव कब्र से निकाले जा सकते हैं। मामले में पांच कर्मचारियों के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का प्रकरण दर्ज होने के बाद पुलिस शवों का पोस्टमार्टम करवाना चाहती है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से कोर्ट में इस बात की पुष्टि की जा सकेगी कि बच्चों की मौत खसरे से ही हुई थी। संभवत: एक-दो दिन में शवों को कब्र से निकालने या नहीं निकालने पर निर्णय हो जाएगा। पुलिस ने इस संबंध में मेघनगर एसडीएम को पत्र लिखा है।
मेघनगर ब्लॉक के मदरानी स्वास्थ्य केंद्र के कुछ गांवों में खसरे का प्रकोप चल रहा है। 24 अप्रैल को ग्राम ढेबर खास की तीन साल की सनु और 28 अप्रैल को डेढ़ साल की चुनकी की मौत खसरे से हुई थी। इधर 4 मई को भी वसुनिया सात फलिया निवासी वानी की मौत से बुखार से हुई थी। मामले में कलेक्टर ने 7 मई को क्षेत्र का दौरा किया तो पाया गया कि जिन बच्चों की मौत हुई, उनका टीकाकरण नहीं किया गया था।
कलेक्टर ने पांच कर्मचारियों के खिलाफ एफआईआर के निर्देश दिए थे। इन पर काकनवानी थाने में गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज किया गया। इस मामले को कोर्ट में प्रस्तुत करने के पहले पुलिस अपनी तरफ से कार्रवाई पूरा करना चाहती है। इस संबंध में एसपी एसपी सिंह का कहना है कि गैर इरादतन हत्या के मामलों में पोस्टमार्टम रिपोर्ट महत्वपूर्ण होती है, इसलिए हम पीएम कराना चाहते हैं।